उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए दिल्ली के ये बदमाश इतने शातिर हैं कि चाइनीज फोन को सैमसंग का फोन बना देते थे।
चाइनीज मोबाइल फोन को सैमसंग की शक्ल देकर औने पौने दाम में बेचने वाले दिल्ली के एक गैंग चार सदस्य सोमवार देर शाम खड़खड़ी चौकी पुलिस के हत्थे चढ गए। आरोपियों के कब्जे से 35 नकली मोबाइल फोन, 82 हजार की रकम बरामद हुई है। करीब आठ से दस मोबाइल फोन हरिद्वार में बेचने की बात सामने आई है।
खड़खड़ी चौकी प्रभारी रणजीत सिंह तोमर की अगुवाई में पुलिस टीम ने रामगढ़ फाटक के पास सूचना पर छापा मारकर चार युवक पकड़ लिए। युवकों के कब्जे से 35 मोबाइल फोन सैमसंग कंपनी के जे 7 मॉडल के बरामद हुए। चौकी लाकर की गई पूछताछ में चंद मिनटों में युवकों ने पूरी बात उगल दी।
बदमाशों ने बताया ऐसे करते थे ठगी
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चौकी प्रभारी रणजीत सिंह तोमर ने बताया कि युवकों ने अपने नाम डेविड पुत्र रमेश, विजेंद्र, धर्मेद्र पुत्र दशरथ एवं राहुल पुत्र गणेश निवासी गली नंबर एक प्रेमनगर पटेल नगर नई दिल्ली बताया। चौकी प्रभारी रणजीत सिंह तोमर ने बताया कि आरोपियों ने कबूला कि मोबाइल फोन उन्होंने पटेलनगर में मार्केट से खरीदे थे और ढाई हजार का एक मोबाइल फोन मिलता है जिसे ये आठ से दस हजार के बीच बेच देते है।
सैमसंग के इस मॉडल की कीमत बाजार में करीब चौदह हजार रूपए के आस पास है। बताया कि आरोपी बिल न होने की बात कहकर ही सस्ते में मोबाइल फोन देने की बात कहते थे। आमजन विश्वास कर मोबाइल फोन खरीद लेते थे। बताया कि आरोपियों के कब्जे से मिले 82 हजार रूपए भी मोबाइल फोन बेचकर एकत्र किए गए है। ये गंगा घाटों पर रह रहे थे।
चाइनीज मोबाइल फोन को सैमसंग के मॉडल में तब्दील कर देने वाले दिमाग की दाद पुलिस वाले भी देते दिखाई दिए। मोबाइल फोन जब ऑन होता था तब उस पर सैमसंग जे 7 मॉडल लिखा हुआ आता है। ठीक वैसे ही जैसे असली मोबाइल फोन में होता है।
फोन की लुक भी पूरी हूबहू ही है। कोई भी देखकर कह नहीं सकता है कि मोबाइल फोन नकली है। चौकी प्रभारी ने बताया कि फोन का डिब्बा, चार्जर, इयर फोन सब सैमसंग के ही बनाए गए है। इस मोबाइल फोन में आईएमईआई नंबर भी नहीं है।