हत्याकांड का खुलासा करते एसएसपी राजीव स्वरूप
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बेटी से संबंध के शक में एक रिटायर्ड सिपाही जनमेद ने डॉक्टर की गला दबाकर हत्या कर दी। हरिद्वार पुलिस ने 31 मई को सामने आए डॉक्टर अनिल तोमर हत्याकांड का खुलासा बुधवार को किया।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे हरिद्वार पुलिस ने डॉ. अनिल तोमर हत्याकांड का खुलासा किया। आरोपी रिटा. सिपाही जनमेद, पुत्री और नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ज्वालापुर कोतवाली में एसएसपी ने डॉक्टर अनिल तोमर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के बताया कि रिटायर्ड सिपाही जनमेद भदौरिया की बेटी दुर्गेश का रिश्ता छह साल पहले डॉक्टर अनिल तोमर के साथ तय हुआ था। किसी कारण से रिश्ता टूटने के बावजूद दोनों के मिलना जुलना जारी था।
घटना की रात करीब पौने दो बजे भी डॉक्टर रिटायर्ड सिपाही की बेटी से मिलने आया था, घर के बाहर खड़ा मिलने पर रिटायर्ड सिपाही और डॉक्टर के बीच झगड़ा हुआ।
रिटायर्ड सिपाही ने नौकर रविपाल के साथ मिलकर डॉक्टर की गला दबाकर हत्या कर, इसके बाद बेटी दुर्गेश के साथ मिलकर सुबूत मिटाने के लिए डॉक्टर को कार सहित बहादराबाद ले जा कर आग लगा दी।
मूल रूप से मध्यप्रदेश का रहने वाला है मृतक का परिवार
सफारी में मिली डॉक्टर की जली लाश
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विगत 31 मई को हरिद्वार-दिल्ली हाईवे से सटी गंगनहर पटरी पर डॉ. अनिल कुमार तोमर (28) अपनी टाटा सफारी स्ट्रोम कार में पूरी तरह से जले हुए मिले। कार भी पूरी तरह से जल चुकी थी। वे ज्वालापुर के शंकर आश्रम तिराहे के पास सेराजेम नाम से फिजियोथैरेपी सेंटर चलाते थे।
हाई प्रोफाइल वारदात की गुत्थी सुलझाने में बहादराबाद पुलिस एसओजी जुटी हुई थी। पूरी जल चुकी सफेद रंग की टाटा सफारी स्ट्रोम कार के अंदर का दृश्य देखकर पुलिस में भी हड़कंप मच गया था। ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट में एक पुरुष का जला हुआ कंकाल था। केवल हड्डियां ही बची थी और खोपड़ी दिखाई दे रही थी। हाथ पर एक कड़ा था।
सूचना मिलते ही एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर, सीओ सदर जेपी जुयाल भी मौके पर पहुंचे थे। बम निरोधक दस्ता एवं डॉग स्कवॉयड भी बुलाया गया था।
पुलिस पता ही लगवा रही थी कि बहादराबाद थाने पहुंचे रघुनाथ रेजीडेंसी अपार्टमेंट के रहने वाले डॉक्टर अरुण कुमार तोमर ने बताया कि उनका भाई अनिल तोमर सोमवार शाम से लापता है। पुलिस डॉक्टर अरुण कुमार को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। अरुण ने कार में मिले अवशेष में फंसे कड़े को देखकर पहचान अपने बडे़ भाई डॉ. अनिल कुमार तोमर के रुप में की।
बताया कि उसका भाई सोमवार से लापता था और उसका शंकर आश्रम तिराहे के पास फिजियोथैरेपी सेंटर हैं। मृतक का परिवार मूल रुप से मध्यप्रदेश के गांव बाबरी थाना सिदोनिया जिला मुरैना के रहने वाला है।
करीब छह सात साल पूर्व वे यहां आकर बस गए थे और जबकि छोटा भाई डेढ़ वर्ष पूर्व ही आया था। छोटे भाई ने रुड़की में भी फिजियोथैरेपी सेंटर खोला हुआ है।