चार साल पहले प्रेम विवाह कर इस्लाम धर्म को अपनाने वाले एक युवक ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है।
उधर, परिजनों ने दूसरा धर्म अपनाने पर युवक से सभी संबंध खत्म कर दिए थे। चार साल बाद अब स्थितियां इस तरह पलटी हैं कि युवक के पास न तो पत्नी है न बेटी ही है और न ही माता, पिता, भाई, बहन और बिरादरी के लोग ही हैं।
देहरादून के युवक मनोज राम कुटियाल उर्फ मन्नू ने 10 नवंबर 2010 को एक मुस्लिम लड़की से निकाह कर लिया था।
दुर्घटना के बाद मारने लगे ताने
कुछ दिन बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपने परिवार, गांव, बिरादरी से पूरी तरह अलग हो गया।
इसी बीच, एक दुर्घटना में उसका पांव टूट गया। ससुराल वालों ने दुर्घटना के बाद से उसे ताने मारना शुरू कर दिया। एक बेरोजगार के साथ अपनी बेटी की जिंदगी खराब न करने की बात करने लगे।
मनोज की ओर से थाने में दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके सास, ससुर तथा अन्य लोग लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे हैं।
होगी कार्रवाई
पत्नी को भी उन्होंने अपने पास रख लिया है। पुलिस ने पहले महिला ऐच्छिक ब्यूरो के माध्यम से इस मामले का सुलह कराने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला।
पुलिस ने फिलहाल रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की है।
थाना प्रभारी रोहताश सागर ने कहा कि पति, पत्नी को साथ रहने के लिए राजी किया जा रहा है। यदि इसमें सफलता नहीं मिली तो फिर कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी।