युवतियों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस के अलावा एसटीएफ की टीम ने बुधवार को एक युवती से पूछताछ की। उसने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां दीं। उसने बताया कि शक के चलते अर्शा से मारपीट हुई थी। उसने तीन हजार रुपये के लेनदेन की बात भी कही। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने युवती को छोड़ दिया।
युवती ने बताया कि उसकी अर्शा से पहले बातचीत होती थी, लेकिन पिटाई की घटना के बाद उससे झगड़ा हो गया था। अर्शा को शक के चलते उसके प्रति गलतफहमी हो गई थी। हालांकि, अर्शा ने उसे मैसेज किया था लेकिन उसने कॉल नहीं की। युवती ने बनभूलपुरा के एक युवक के बारे में जानकारी दी तो पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया।
युवती का आरोप था बनभूलपुरा के युवक ने उसके और अर्शा के बीच गलतफहमी की दरार डाली थी। युवती ने तीन हजार रुपये के बारे में पुलिस और एसटीएफ को काफी चौंकाने वाली जानकारियां दीं हैं। इस मामले में पुलिस ने मुखानी की युवती के चार दोस्तों को भी हिरासत में लिया है। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि युवक और युवती से पूछताछ की गई है, लेकिन अब हत्याकांड के बाबत कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है।
आईजी कुमाऊं रेंज पूरन सिंह रावत ने बताया कि कातिलों ने सिर्फ एक कमरे को खंगाला है। वे अन्य कमरों को खंगालने के लिए नहीं गए। आशंका है कि किसी करीबी ने ही वारदात की है।
आईजी ने खुलासे के लिए नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की पुलिस को संयुक्त रूप से काम करने को भी कहा।
अर्शा के मोबाइल में लगा डबल लॉक
घायल अर्शा का मोबाइल दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अर्शा के मोबाइल में डबल लॉक है। पहले थंब इंप्रेशन से मोबाइल खुल जाता है, लेकिन अंदर पैटर्न लॉक होने के कारण मोबाइल खोलना मुश्किल हो गया है। इस मामले में पुलिस ने अर्शा के दोस्तों की मदद ली, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पूनम पांडे की शव यात्रा के दौरान प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : amar ujala
बरेली रोड गोरापड़ाव हरिपुर पूर्णानंद निवासी पूनम पांडे की हत्या को लेकर लोगों में गुस्सा है। बुधवार को जैसे ही पूनम की शव यात्रा कोतवाली के सामने से गुजरी लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। थाने के सामने बखेड़ा होते देख पुलिस अधिकारी पहुंच गए। सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने लोगों को समझाकर शांत किया। बाद में गमगीन माहौल में रानीबाग चित्रशिलाघाट पर पूनम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पोस्टमार्टम कराने के बाद कोतवाली पुलिस ने बुधवार सुबह पूनम पांडे का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल और कोतवाल केआर पांडे से हत्याकांड का जल्द खुलासा करने की मांग की। सीओ ने कहा कि पुलिस ने बड़ी-बड़ी वारदातों का सही खुलासा किया है। समय जरूर लगेगा लेकिन कातिल अवश्य पकड़ जाएंगे।
मां अस्पताल में भर्ती, इधर पत्नी को खो दिया
लक्ष्मीदत्त पांडे के परिवार की खुशियां उजड़ गई हैं। मां अस्पताल में भर्ती हैं। पत्नी को कातिलों ने मौत के घाट उतार दिया और बेटी भी जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है। लक्ष्मीदत्त बदहवास हैं। मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे लक्ष्मीदत्त पांडे ने बताया कि जीवन संगिनी की हत्या, बेटी पर जानलेवा हमला, लूटपाट ने तोड़कर रख दिया है। उनका बेटा आदित्य पांडे भी कोलकाता से घर पहुंच गया है।
कोतवाली को मिले 30 और सिपाही
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि गश्त की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोतवाली थाने को 30 और सिपाही, ढाई प्लाटून पीएसी मिली है। यह फोर्स गश्त के साथ फ्लैग मार्च करने में कारगर होगी। यहां कोतवाली का मानक 101 सिपाही, नौ हेडकांस्टेबल, 14 उपनिरीक्षक हैं। पुलिस कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में 80 सिपाही, चार हेड कांस्टेबल, सात महिला उपनिरीक्षक, 15 उपनिरीक्षक (पुरुष) मौजूद हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि यह नियतन काफी पुराना हैं।