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जेल से कुख्यात गैंगेस्टर ने दी दस से ज्यादा लोगों को धमकियां

Fri, 20 Jan 2017 12:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
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sunil rathi - फोटो : amar ujala
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कुख्यात गैंगेस्टर सुनील राठी को हरिद्वार जेल में शिफ्ट करने के बाद उसके नाम से रुड़की-हरिद्वार में दस से अधिक व्यापारियों को चौथ वसूली के लिए धमकी मिल चुकी है।
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यह तथ्य सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन और खुफिया विभाग की ओर से भी सुनील राठी को हरिद्वार जेल से अन्यत्र शिफ्ट करने की सिफारिश की गई है। सिफारिश किए जाने के बावजूद राठी का हरिद्वार जेल में बने रहना, जेल प्रशासन की नीयत पर सवालिया निशान लगा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले गुपचुप तरीके से सुनील राठी को तिहाड़ से हरिद्वार जेल में शिफ्ट किया गया था।

सुनील राठी पर हरिद्वार जेल में रहते हुए रुड़की के जेलर की हत्या कराने का आरोप है। इसके अलावा रुड़की जेल में गैंगवार सहित कई अन्य मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज है। रुड़की और हरिद्वार जेल उसके लिए शुरू से ही मुफीद रही है, जहां रहकर उसने हत्या और अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम दिया है।
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यही कारण है कि उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन दो माह पहले गुपचुप तरीके से उसे हरिद्वार जेल शिफ्ट कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी। दस दिन बाद मामले की जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जेल प्रशासन को यह बेहद नागवार गुजरा था। यही नहीं सुनील राठी के संबंध में सवाल करने पर जेल आईजी पीवीके प्रसाद भड़क उठे। उन्होंने इस संबंध में जानकारी देने के बजाए फोन नहीं करने की नसीहत दी।

इस संबंध में हरिद्वार जेल में बंद शातिर सुनील राठी के नाम पर कुछ व्यापारियों से धन की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। जांच कराने पर पता चला कि यह धमकियां राठी के नाम लेकर बाहर से दूसरे अपराधियों द्वारा दी गई है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

हरिद्वार जेल से फोन होने की बात सही नहीं पाई गई है। राठी को अन्य जेल में स्थानांतरित करने की सिफारिश मेरे संज्ञान में नहीं है। शातिर अपराधियों को जेलों में फोन की सुविधा मुहैय्या न हो पाए, इसके लिए कई कडे़ कदम उठाए गए हैं। यदि इसकी पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक

जेल में बंद सभी कैदियों पर पुलिस अपनी ओर से गहनता से नजर रखती है। किसी भी सूरत में संदिग्धता पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो कैदियों को अन्य जेलों में भी शिफ्ट किया जाएगा।
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- राजीव स्वरूप, एसएसपी हरिद्वार
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