वह जैसे तैसे बैरक से निकले और जेल अधीक्षक बीपी पांडेय को घटनाक्रम से अवगत कराया। आरोप है कि जेल अधीक्षक ने उल्टा उनको ही डाट दिया। बंदी रक्षक के साथ हुई मारपीट के बाद जेल अधीक्षक के व्यवहार से खफा सभी बंदी रक्षक भी एकजुट हो गए और जिलाधिकारी से शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी दीपक रावत उस समय हरकी पैड़ी क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे थे।
बंदी रक्षकों के आने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने एक साथ सभी के ड्यूटी छोड़कर आने पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश अपर जिलाधिकारी बीके मिश्रा को दिए। दूसरी तरफ जेल अधीक्षक बीपी पांडे ने कहा कि बंदी रक्षकों के आरोपों में कोई दम नहीं है। वे एक बंदी को पीटना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया। जेल की नियमावली में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है कि किसी बंदी को पीटा जाए। उन्होंने कहा कि जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा।
कौन है शाहरुख पठान
वर्ष 2017 में हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र की निर्मला छावनी कॉलोनी में कंबल व्यवसायी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। एसटीएफ ने शहर को हिलाकर रख देने वाले हत्याकांड से पर्दा उठाया था। तब सामने आया था कि शूटरों के निशाने पर गोल्डी नहीं बल्कि उसके घर से चंद कदम की दूरी पर अपने परिचित के घर मौजूद कनखल का रहने वाला प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी था। कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के इशारे पर ही उसके शूटर सैनी की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन हुलिया मिलता जुलता होने के चलते शूटरों ने गोल्डी की हत्या कर दी थी। शाहरुख भी हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों में शामिल रहा है। वेस्ट यूपी के शामली के रहने वाले शाहरुख ने कई हत्याकांड को अंजाम दिया है।