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सावधान! बाबा रामदेव के नाम पर बेरोजगारों के साथ हो रहा फ्रॉड, इस तरह से बनाते हैं अपना शिकार

Thu, 16 Nov 2017 10:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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देश में जालसाजों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो पतंजलि योगपीठ में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी कर रहा है। यह गिरोह इस तरह से आपको अपना शिकार बनाता है पढ़िए...
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इस गिरोह ने यूपी, दिल्ली और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में अपना जाल फैला रखा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जालसाजों के गिरोह ने बाकायदा बैंकों में अपने खाते खुलवा रखे हैं और इन्हीं खातों में युवाओं से पैसा जमा करवाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण में पतंजलि योगपीठ प्रबंधन का कहना है कि उसे जालसाजों की इस करतूतों की जानकारी है। संस्थान के प्रवक्ता के मुताबिक पतंजलि की ओर से नौकरी दिलाने के नाम पर कोई धनराशि जमा नहीं कराई जा रही है।
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यूपी के चित्रकूट जिले के मऊ निवासी दयाशंकर त्रिपाठी बीएससी का छात्र है। दयाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि उसने एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में पतंजलि योगपीठ में नौकरी का विज्ञापन देखा।

विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क साधा तो जालसाजों ने खुद को योगपीठ का अधिकारी बताते हुए पहले 2450 रुपये और अलग अलग किश्तों में एक लाख हजार रुपये जमा करवा लिए।
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जालसाजों ने दयाशंकर त्रिपाठी को झांसा देेते हुए पतंजलि की ओर से लैपटाप और मोबाइल फोन देने के एवज में 90 हजार रुपये ठग लिए। इतना ही जालसाजों ने बाकायदा लेटर पैड के जरिए जिसमें बाबा रामदेव की तस्वीर भी छपी है उसके लिए नौकरी देने का झांसा दिया।

लेटर पैड पर खुद को पतंजलि योगपीठ का सर्किल आफिसर बताते हुए जालसाजों ने कई बैंकों के खाते नंबर भी अंकित किए है जिसमें दयाशंकर सेे रुपये जमा कराए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि जालसाजों द्वारा रुपये के लेनदेन का यह सिलसिला पिछले कई महीने से चल रहा है। अंतिम किश्त के तौर पर अब जालसाजों द्वारा साढ़े छह हजार रुपये और मांगे जा रहे है जिसे दयाशंकर त्रिपाठी ने देने से मना कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि दयाशंकर त्रिपाठी तो महज एक उदाहरण है। ऐसे कई युवाओं के साथ ठगी की गई है। जिसकी पुष्टि खुद पतंजलि योगपीठ के अधिकारी कर रहे हैं। योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारावाला का कहना है कि देश के कई राज्यों से ऐसे कई प्रकरण उनके सामने आए हैं।

युवाओं को जालसाजों से बचाने के लिए पतंजलि योगपीठ की ओर से समाचार पत्रों और इलेक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया के जरिए सचेत किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद तमाम युवक जालसाजों के जाल में फंस जा रहे हैं।

बकौल प्रवक्ता तिजारावाला पतंजलि योगपीठ की ओर से नौकरी देने के नाम पर कोई पैसा नही लिया जाता है। योगपीठ कोई भी एडवांस नही लेता है। इस संबंध में लगातार प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है।
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