इस पर अभिरूप ने मैसेंजर द्वारा दिए गए बैंक खाते में दो लाख रुपये (3100 डॉलर) ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अभिरूप ने उदित से संपर्क किया, तो पता चला कि उदित की माता का देहांत कई साल पहले हो चुका है।
ठगी का अहसास होने पर अभिरूप ने घटना की जानकारी पिता डॉ. एसके डबराल को दी। डॉ. डबराल ने बृहस्पतिवार को कोतवाली में लिखित शिकायत दी। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी ने फेसबुक एकाउंट डिलीट कर दिया है। धरपकड़ के लिए साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
तीन लाख रुपये
फेसबुक के माध्यम से कंप्यूटर इंजीनियर से धोखाधड़ी करने वाले अज्ञात ने अभिरूप से तीन लाख रुपये और दिए जाने की डिमांड की थी। इस बीच अभिरूप ने साथी उदित से हालचाल पूछ लिया। इसके चलते वह तीन लाख रुपये और गंवाने से बच गए।
फर्जी मैसेज और कॉल से बचें
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी के मुताबिक ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसमें ज्यादातर पीड़ित लोगों की गलती सामने आ रही है। उन्होंने लोगों को फर्जी मैसेज और कॉल से बचने की सलाह दी है। कोतवाल ने नागरिकों से फर्जी ई-मेल, फेसबुक एकाउंट और व्हाट्स एप नंबरों व मैसेज से बचने की अपील भी की है।