व्यापक कार्रवाई के बाद भी राजधानी देहरादून में जमीन के नाम पर जालसाजी और ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाया है। आईजी संजय गुंज्याल ने एसआईटी की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दो मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जबकि, तीसरा मुकदमा पटेलनगर में दर्ज हुआ है, जहां चाचा ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर सगे भतीजे को जमीन बेच दी।
नेहरू कॉलोनी के लोअर नत्थनपुर निवासी रमेश चंद व्यास ने एसआईटी को बताया था कि प्रापर्टी डीलर राजेंद्र सिंह ने बीना देवी नाम की एक महिला के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक जमीन 2007 में बेच दी। बैनामा तो हो गया, लेकिन कब्जा नहीं दिया गया। बाद में पता चला कि यह जमीन पूर्व में किसी को बेची गई थी।
आरोपी पक्ष ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर यह जमीन उन्हें भी बेची है। एसआईटी ने जांच में आरोपी पक्ष के खिलाफ साक्ष्यों का संकलन भी किया है। उधर, पटेलनगर निवासी वसीस हैदर ने बताया कि चंद्रबनी निवासी सारिक अहमद ने 17 जून 2015 को जमीन का टुकड़ा बेचकर उनसे एक लाख 90 हजार रुपये ठग लिए। कब्जा उसे दूसरे की जमीन पर दे दिया गया।
दो-दो बार हो रहा जमीन का सौदा
धोखा
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बाद में पता चला कि जिस प्लाट का बैनामा उसे किया गया है, सारिक उस जमीन को अप्रैल 2015 में दूसरे को बेच चुका है, जिस पर कुछ निर्माण भी हो चुका है। आईजी ने दोनों मामलों में नेहरू कॉलोनी और पटेलनगर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
वहीं, सुमन नगर निवासी वसीम अहमद ने पटेलनगर कोतवाली में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उसके चाचा इरशाद अहमद और उसके नाम की संयुक्त जमीन है।
चाचा ने अपने रिश्तेदार अनीस और दो अन्य लोगों से सांठगांठ कर खुद को मालिक बताकर जमीन एक मई 2014 को बेच दिया था। बाकायदा दाखिल खारिज भी करा दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।