एक नामी स्कूल में बच्चे का एडमीशन कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने की आरोपी महिला को पुलिस ने लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया। महिला पिछले चार साल से फरार चल रही थी।
कोतवाली पुलिस के अनुसार अप्रैल 2014 को राजेंद्र नगर निवासी राखी चौहान ने सुजैना सिरकार नाम की महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। राखी का कहना था कि वह अपने बेटे का एक कैथोलिक स्कूल में एडमीशन कराना चाहती थी। इस दौरान उसकी मुलाकात सुजैना से हुई। सुजैना ने कहा कि वह कई कैथोलिक चर्चों की कमेटी की सदस्य है। चर्चों को कैथोलिक स्कूलों में बच्चों के एडमीशन का कोटा मिलता है, लिहाजा वह उसके बेटे का एडमीशन करा सकती है।
राखी उसकी बातों में आ गई और सुजैना को उसने 60 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद सुजैना ने राखी को एक पत्र दिया, जिसमें चर्च के पादरी के हस्ताक्षर थे। पत्र में पुष्टि थी कि उसके बेटे का एडमीशन हो चुका है। सुजैना ने राखी से तीन महीने की फीस भी एडवांस ले ली। कुछ दिन बाद जब स्कूल का सत्र शुरू हुआ तो राखी को पता चला कि उसके बेटे का एडमीशन तो हुआ ही नहीं है। इसके बाद सुजैना भी गायब हो गई।
एसएसआई कोतवाली अशोक कुमार राठौर ने बताया कि दो दिन पूर्व पता चला कि सुजैना अपनी पहचान छुपाकर लुधियाना में रह रही है। पुलिस की एक टीम ने लुधियाना से उसे गिरफ्तार कर लिया। सुजैना मूल रूप से अहमदाबाद की रहने वाली है और लुधियाना में वह लक्ष्मी नगर जसिया रोड बड़ी हेबिवाला में रह रही थी।