फर्जी चेक लगा कर दो युवकों ने एक कंपनी को लगभग 40 लाख रुपए का चूना लगा दिया। कंपनी को जब पता चला तो उसने बैंक से शिकायत की। बैंक ने मामले की जांच तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। दोनों आरोपित युवकों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
राजपुर रोड पर आईएनजी वैश्य बैंक की शाखा है। बैंक में कुछ दिन पहले इलेक्ट्रिका कंपनी के मालिक संजीव मलिक व कमल मलिक निवासी डिफेंस कॉलोनी ने रिलेक्सो कंपनी के नाम से 39 लाख अस्सी हजार रुपए का चेक लगाया था।
केवल 21 हजार रुपए का था चेक
बैंक ने चेक के बदले दोनों को रुपए दे दिए। लेकिन दूसरे दिन ही रिलेक्सो कंपनी की तरफ से बैंक को ईमेल आया। मेल में बताया गया कि जिस नंबर का चेक को बैंक ने भुनाया है। वह तो केवल 21 हजार रुपए का था।
ऐसे में बैंक ने इतने रुपए कैसे उनके खाते से निकाल दिए। यह बात बैंक प्रबंधन को पता चली तो उनके होश उड़ गए। जांच हुई तो पता चला कि दोनों भाइयों ने चेक में छेड़छाड़ कर रकम को बदल दिया। उसके बाद बैंक ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना अधिकारी मनोहर सिंह रावत ने बताया अभी जांच की जा रही है कि चेक में किस तरह से छेड़छाड़ की गई है।