पुलिस ने गाजियाबाद से देहरादून में ठगी करने आए गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से कागजी नोटों की दो गड्डियों के साथ चाकू बरामद हुआ है। कब्जे से मिली कार को सीज कर दिया गया है। यह गिरोह हरिद्वार में होटल में रहने के बाद बुधवार सुबह यहां पहुंचा था।
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि सिटी पेट्रोल यूनिट के दारोगा कैलाश शर्मा और कांस्टेबल अमित कुमार ने ईसी रोड पर बुधवार सुबह एक संदिग्ध कार को रोक लिया। कार में चार युवक सवार थे। कार के कागजात न उपलब्ध कराने पर शक हुआ तो उनकी तलाशी ली गई।
चाकू के साथ कागजी नोटों की दो गड्डियां मिलने के बाद उन्हें डालनवाला कोतवाली लाया गया। पूछताछ में आरोपी अर्जुन उर्फ मोहन सिंह, मोहन निवासी नेहरूनगर गाजियाबाद, दीपक शर्मा उर्फ दीपू और ऋषभ निवासी ग्राम कबला थाना दक्षिणी फिरोजाबाद ने ठगी करने की बात स्वीकार कर ली।
एसपी सिटी ने बताया कि यह गैंग दो दिन पहले हरिद्वार आया था। वहां पर एक होटल में ठहरने के बाद बुधवार सुबह दून पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने ठगी से पहले से उसे दबोच लिया। अर्जुन और ऋषभ आपस में रिश्ते में जीजा साले बताए गए है।
ऐसे करते हैं ठगी
जालसाज नोटों के आकार की कागजों की गड्डी के ऊपर 500 का नोट लगाकर बैंक पहुंच जाते है। गड्डी को रुमाल में लपेटकर यह लोग अनजान बनकर दूसरे ग्राहकों से रकम को बैंक में जमा कराने के बारे में पूछताछ करते है। शिकार को फंसाने के लिए वेतन न मिलने पर रुपये चुराकर लाने की कहानी सुनाते है। इसलिए चोरी छिपे रकम घर भिजवानी है।
अधिकांशत: शिकार उनके झांसे में आ जाता है। कागज के नोटों की गड्डी रुमाल में बांधकर शिकार को यह कहकर थमा दी जाती है कि वो बैंक में जमा करा दे। कई तरह के बहाने कर तीन से चार हजार रुपये ऐंठ लेते है। शिकार भी नोटों की गड्डी हड़पने के इरादे से अपनी जेब खाली कर देता है। ठगों के जाने के बाद शिकार जब अकेले में गड्डी देखता है तो माथा पकड़ने के अलावा कोई चारा नहीं रहता है।
गुरु ने दी दून जाने की सलाह
एसपी सिटी अजय सिंह ने गिरोह के सरगना अर्जुन सिंह के हवाले से बताया कि गुरु सन्नी ने उन्हें देहरादून जाकर ठगी करने की सलाह दी थी। गुरु यहां से कई बार ठगी कर चुका है। उनके इशारे पर ही बुधवार को दून आए थे। कुछ कर पाते, इससे पहले ही पकड़े गए।