अब तक की जांच में यह बात तो साफ हुई है कि घटना को अंजाम शार्प शूटरों ने दिया है।
घटना का अंदाज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई घटनाओं जैसा है लिहाजा शूटर भी उन्हीं जगहों से ताल्लुक रखने वाले बताए जा रहें हैं।
ऐसे में ये शूटर देहरादून के बाहर से यहां भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रवेश कर गए, यह बड़ा सवाल है।
यदि देहरादून से बाहर के स्थानों से घटनास्थल तक पहुंचने के मार्गों को देखा जाए तो सभी मार्गों पर दर्जनों जगहों पर सघन चेकिंग होती है।
हरिद्वार रोड की ही बात करें तो यहां पहले डोईवाला में सघन चेकिंग और बेरिकेडिंग हैं। इससे पहले भानियावाला और लालतप्पड़ बेरिकेडिंग लगाकर हर वक्त चेकिंग की जाती है।
वहीं, अगर सहारनपुर रोड से देहरादून में प्रवेश की बात होती है तो सबसे बड़ा चेकिंग प्वाइंट बॉर्डर और फिर यदि किसी तरह शहर में घुसे तो इन दिनों विधानसभा के पास भारी बेरिकेडिंग की व्यवस्था है। बावजूद इसके बदमाश बेखौफ घटना को अंजाम देकर यहां से फरार हो गए।