नौ जून को मंगलौर के लालबाड़ा निवासी पांच वर्षीय धैर्य उर्फ कान्हा अचानक लापता हो गया था। पिता शोभित अग्रवाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह बेटे धैर्य को चिप्स दिलाने बाहर निकला था।
इसके बाद वह धैर्य को उसके चाचा के पास छोड़कर चला गया। तब से ही बच्चा गायब है। एसपी (देहात) मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जांच में लोगों से पता चला कि धैर्य को उसके पिता के साथ अलग-अलग जगहों पर देखा गया।
इसके बाद कस्बे में विभिन्न जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। उसमें शोभित ही अपने बेटे को बाइक पर ले जाता दिखा। सोमवार को शोभित को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया।
उसने नौ जून को ही लिब्बरहेड़ी के समीप खेतों में ले जाकर धैर्य को गला घोंटकर मारने के बाद शव खेत में फेंकने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया। मां प्रियंका, चाचा और दादा-दादी को रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र में हुई इस तरह की पहली घटना से हर कोई स्तब्ध और दुखी है। पुलिस ने अपहरण के मामले को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया है। एसपी (देहात) ने बताया कि शोभित ने आर्थिक तंगी के चलते बच्चे का खर्च न उठा पाने को कारण हत्या की वजह बताया है, लेकिन उसके परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक स्थिति ठीक है। ऐसे में पिता द्वारा बताए जा रहे कारणों की जांच की जा रही है। बताया गया है कि पिता शोभित पशु चारे की एजेंसी के साथ ही दवा की दुकान भी है।