उनके निर्देश पर आरपीएफ के दरोगा मयंक चौधरी और आरपीएफ रुद्रपुर के चौकी प्रभारी आरके भारद्वाज के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को छापा मारकर दर्शन सिंह, उसके बेटे हरेंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने प्रतिष्ठान में रखे सामान को सील किया और तीनों को लालकुआं ले आई।
लालकुआं थाने के इंस्पेक्टर मोहम्मद शकील ने बताया कि मामले में दर्शन सिंह पुत्र प्यार सिंह और उसके बेटे हरेंदर सिंह के खिलाफ 143 रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। तीसरे व्यक्ति को निर्दोष होने पर छोड़ दिया गया।
आरोपी व्यक्तिगत ईमेल आईडी से तत्काल टिकट बनाकर अधिक दामों पर बेचते थे। आरोपियों से रामपुर से लुधियाना, जयपुर से रुद्रपुर, रुद्रपुर से देहरादून, रुद्रपुर से जालंधर, आगरा से बरेली, किच्छा से आगरा, नई दिल्ली से चेन्नई के अलावा मुजफ्फरपुर से रुद्रपुर के कुल 16 एसी एवं स्लीपर क्लास के टिकट बरामद हुए हैं।
व्यक्तिगत आईडी से निकाले टिकट बेचना गैरकानूनी
इंस्पेक्टर मोहम्मद शकील ने बताया कि रेलवे के टिकट बुक करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। व्यक्तिगत ईमेल आईडी से बनाए गए तत्काल टिकटों को बेचना गैरकानूनी है। व्यक्तिगत आईडी से केवल खून के रिश्ते वालों का ही तत्काल टिकट लिया जा सकता है। आरोपियों ने तत्काल टिकटों को 300 से 500 रुपये अधिक में बेचने की बात कबूली है।