एलबीएस आईएएस एकेडमी में फर्जी महिला आईएएस प्रकरण में जेल में बंद रूबी चौधरी ने पुलिस पर एक पक्षीय जांच का आरोप लगाया है। कथित रूप से रूबी द्वारा लिख एक पत्र अधिवक्ता के माध्यम से मीडिया तक पहुंचा है।
पत्र में रूबी ने एक बार फिर एलबीएस के डिप्टी डायरेक्टर पर निशाना साधा है। पत्र में रूबी ने लिखा है कि पुलिस द्वारा उसके परिजनों का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रतिष्ठित एलबीएस की छवि देशभर में धूमिल करने वाले इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद से ही पुलिस की जांच का दायरा फिलहाल रूबी चौधरी तक ही सिमटा हुआ है।
गिरफ्तारी से पूर्व भी रूबी चौधरी ने संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। अब एक बार फिर जेल से कथित तौर पर चिट्ठी लिखकर रूबी ने पुलिस की जांच पर अंगुली उठाई है। रूबी चौधरी के अधिवक्ता राजीव रतूड़ी के अनुसार जेल में रूबी से मुलाकात के दौरान रूबी ने उन्हें मीडिया के लिए लिखी यह चिट्ठी सौंपी है।
कथित चिट्ठी में रूबी ने लिखा है कि पुलिस ने उसके परिवारवालों का जीना मुश्किल कर दिया है। परंतु सौरभ जैन पर जांच का कोई असर नहीं दिख रहा है। संस्थान के गार्ड देव सिंह से सहानुभूति जताते हुए रूबी ने लिखा है कि उसे पुन: नौकरी दी जाए। उसने देव सिंह से भी अपील की है कि वह झूठी कहानी नहीं, बल्कि सच ही पुलिस को बताए।
देश में नारी शक्ति के हनन की बात भी चिट्ठी में लिखी गई है। खुद को निर्दोष साबित करने के लिए यह बात भी चिट्ठी में लिखी गई है कि यदि मैं दोषी होती तो पुलिस के बुलाने पर नहीं आती और न ही पुलिस मेरे ठहरने के लिए होटल में व्यवस्था करती।
रूबी ने अपनी हालत का जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों से बात करने की अपनी जिद को बताया है। अपनी व्यथा जाहिर करते हुए कथित चिट्ठी में रूबी ने लिखा है कि देश में अधिकारी पद की कीमत है, सच की नहीं।