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अवैध संबंध का खौफनाक अंजाम, मिली मौत

Mon, 12 May 2014 09:28 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़
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तीन दिन से लापता पिथौरागढ़ के युवा व्यापारी और भाजयुमो के जिला महामंत्री की लाश पुलिस ने शनिवार की सुबह कूड़े के ढेर से बरामद की।
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उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस हत्या की वजह एक विवाहिता से व्यापारी के अवैध संबंध बता रही है। हत्यारोपी पति, पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

व्यापारी को काफी नजदीक से दो गोलियां मारी गई थी। शरीर पर मिले काले निशान से इसकी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

8 मई की रात से लापता था सुनील

शहर के सिमलगैर में न्यू लाइफ स्टाइल नाम से गारमेंट्स शॉप चलाने वाला पपदेव निवासी सुनील वर्मा (33) पुत्र राम लाल वर्मा 8 मई की रात से लापता था।

9 मई को उसके भाई पंकज वर्मा ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने सुनील के संपर्कों को खंगालना शुरू किया।

कोतवाल गणेश प्रसाद बौंठियाल ने बताया कि पड़ताल के दौरान ही मालूम हुआ कि रई में एक घर में उसका आना-जाना था।

रई निवासी मनोज चंद की पत्नी की मोबाइल कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला कि 8 मई की रात पौने दस बजे सुनील वर्मा की कॉल आई थी। उन्होंने बताया कि सख्ती से पूछताछ में पति, पत्नी ने जुर्म कबूल कर लिया।

मौके पर ही हो गई सुनील की मौत

पुलिस के अनुसार 8 मई की रात मनोज चंद जब घर लौटा तो घर में सुनील वर्मा मौजूद था। मनोज को देखकर सुनील भागने लगा।

मनोज ने घर की गैलरी में उसे पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की, फिर घर के अंदर से लाइसेंसी बंदूक लाकर एक गोली उसके पेट में, दूसरी गोली गर्दन में मार दी।

मौके पर ही सुनील की मौत हो गई। सुनील की मौत के बाद घबराए मनोज ने पत्नी पार्वती चंद के सहयोग से लाश को कार में डालकर 8 किमी दूर नैनीपातल नामक स्थान में कूड़े के ढेर में डाल दिया।

पुलिस ने मनोज की निशानदेही पर शनिवार सुबह 7.30 बजे नैनीपातल से सुनील की खून से लथपथ लाश बरामद की।

उसके शरीर पर अंडरवियर के अलावा कुछ नहीं था। पुलिस के अनुसार मृतक के मोबाइल से अंतिम काल मनोज की पत्नी पार्वती को की गई थी।

दोनों ने हत्या का जुर्म कबूला

पार्वती के साथ सुनील के कथित अवैध संबंध थे। मनोज की गैरमौजूदगी में वह उसके घर आता रहता था। दोनों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

पुलिस के अनुसार हत्या में प्रयुक्त बंदूक जब्त कर ली गई है। बंदूक पहले मनोज के पिता प्रेम चंद के नाम थी। बाद में मनोज ने अपने नाम पंजीकृत करा ली थी।

कोतवाल बताया कि मनोज और पार्वती के खिलाफ हत्या की धारा 302, साक्ष्य छिपाने की धारा 201, मनोज के खिलाफ आर्म्स एक्ट 27/30 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों कोसीजेएम की अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हत्याकांड की जांच कोतवाल के साथ ही एसआई विमल मिश्रा कर रहे हैं।
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आम आदमी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता

मृतक सुनील पूर्व में पपदेव का प्रधान रह चुका है। हत्यारोपी मनोज कुछ समय तक एक निजी टीवी चैनल में काम कर चुका है। वह आम आदमी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता है।

मृतक अविवाहित था तो हत्यारोपियों की तीन साल की लड़की है। हत्याकांड से गुस्साए लोग भारी संख्या में कोतवाली पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम हाउस में भी लोगों का हुजूम जमा हो गया।

आतिशबाजी के शोर में दबी गोली की आवाज
मनोज ने जब सुनील को गोली मारी तो आवाज आसपास के लोगों तक नहीं पहुंचने के पीछे बताया जा रहा है कि उस दिन रई इलाके में कई विवाह कार्यक्रम थे।

बारातों की आतिशबाजी के शोर के बीच बंदूक की गोली की आवाज दब गई और किसी ने आवाज सुनी भी होगी तो आतिशबाजी समझ कर नजरंदाज कर दिया।
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