इंटरपोल से अलर्ट जारी होने के बाद पुलिस ने सिडकुल में दवा बनाने वाली डेनवर हेल्थ केयर फैक्ट्री में हेरोइन के धंधे का भंडाफोड़ किया है। यहां से पोस्टल सर्विसेज के जरिए डेनमार्क, यूएसए, दुबई, लंदन सहित अन्य देशों में हेरोइन की सप्लाई की जाती थी।
इस मामले में पुलिस ने हल्द्वानी के तिकोनिया निवासी युवक को 10 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी दवा फैक्ट्री का मालिक फरार है। फैक्ट्री से भी सात ग्राम हेरोइन बरामद हुई है।
पकड़ी गई 17 ग्राम हेरोइन की कीमत 50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने दवा फैक्ट्री सीज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने रविवार को इंटरनेशनल हेरोइन तस्कर गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि तीन माह पहले डेनमार्क में इंटरपोल ने रुद्रपुर-पंतनगर से डाक के जरिए भेजे गए लिफाफे में हेरोइन पकड़ी थी। इसके बाद इंटरपोल ने भारत को अलर्ट जारी किया था।
दवा फैक्ट्री के अंदर चलता था ड्रग्स का धंधा
दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद पतों को तस्दीक करने के लिए पुलिस और पोस्टऑफिसों को अलर्ट जारी किया गया। तब एएसपी टीडी वैला और कोतवाल जेसी पाठक के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गठित की गई।
जांच में पता चला कि सिडकुल के सेक्टर तीन, प्लाट नंबर सात में स्थित डेनवर हेल्थ केयर फैक्ट्री में दवा बनाने की आड़ में हेरोइन का धंधा चल रहा था। फैक्ट्री से आसपास के क्षेत्रों के साथ ही विदेशों में भी हेरोइन भेजी जाती थी।
फैक्ट्री स्वामी परविंदर सिंह निवासी हल्द्वानी के गुरुतेग बहादुर गली तिकोनिया इस काम के लिए अपने कर्मचारियों का इस्तेमाल करता था। उन्हें हेरोइन से भरे लिफाफों को स्पीड पोस्ट करने के लिए पोस्ट आफिस भेजता था। शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि फैक्ट्री का एक कर्मचारी लिफाफा पोस्ट करने के लिए रुद्रपुर पोस्ट आफिस आ रहा है।
कोतवाल जेसी पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इंडिका कार संख्या एचआर-29-के-7079 से आए हल्द्वानी के गुरुतेग बहादुर गली तिकोनिया निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ रिंकू को पुलिस ने एक लिफाफे के साथ पकड़ लिया।
सैंपल के नाम पर सप्लाई करते थे विदेश
जब लिफाफा खोला गया तो इसमें सादे कागजों के बीच में दो कार्बन लगाकर करीब 10 ग्राम हेरोइन रखी हुई थी। इसे यूएसए के लिए स्पीड पोस्ट किया जाना था। लिफाफे पर भेजने वाले का नाम रविंद्र मलिक निकट फूलबाग, चक्की पार्क जीबी पंत विवि पंतनगर लिखा हुआ था। पूछताछ में हरप्रीत ने बताया कि वह अपने पड़ोसी परविंदर सिंह की दवा बनाने वाली डेनवर हेल्थ केयर फैक्ट्री में मार्केटिंग का काम करता है।
परविंदर ही विदेशों में सैंपल भेजने के नाम पर लिफाफों को स्पीड पोस्ट करने के लिए देता है। पुलिस ने हरप्रीत को साथ लेकर परविंदर सिंह की सिडकुल स्थित फैक्ट्री में दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया।
एसएसपी भरणे ने बताया कि फैक्ट्री में जब परविंदर के केबिन की तलाशी ली गई तो वहां पर एक लिफाफा मिला, जिसमें करीब सात ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा डेनमार्क भेजने के लिए कस्टम डिक्लरेशन फार्म भी मिला।
एसएसपी ने बताया कि पकड़ी गई कुल 17 ग्राम हेरोइन की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। फैक्ट्री को सीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि परविंदर के पास विदेशों में भेजने के लिए हेरोइन दिल्ली से आती थी, जिसकी जांच की जा रही है।
एयरपोर्ट पर बचने के लिए कार्बन का सहारा
पुलिस के मुताबिक एयरपोर्ट में स्क्रूटनी के दौरान हेरोइन पकड़ में न आए, इसके लिए मुख्य आरोपी फैक्ट्री स्वामी परविंदर सिंह हेरोइन को कार्बनों के बीच में रखता था। इसके बाद कार्बनों के दोनों ओर पांच-पांच सादे कागजों को मोड़कर पैकेट बनाते थे। ताकि स्कूटनिंग में हेरोइन पकड़ में न आ सके।
घाटे में चल रही थी दवा फैक्ट्री
हरप्रीत के पूछताछ के बाद एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी परविंदर सिंह की डेनवर हेल्थ केयर फैक्ट्री घाटे में चल रही थी, जिससे वह कई लोगों का कर्जदार हो गया था।
घाटे से उबरने के लिए वह पोस्टल सर्विसेज द्वारा विदेशों में हेरोइन तस्करी करने लगा। इसके लिए वह कई बार विदेशों का भी दौरा कर चुका था।
पुलिस टीम को इनाम
पोस्टल सर्विसेज के माध्यम से विदेशों में हेरोइन की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल ने जहां पांच हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की। वहीं एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने 2500 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।