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धर्मनगरी में रेप : डीएनए रिपोर्ट में छिपा दरिंदों का सच

Tue, 14 Jan 2014 06:57 PM IST
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार
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सूबे को हिलाकर रख देने वाले बहुचर्चित छात्रा हत्याकांड में अभी तक पुलिस का रिपोर्ट कार्ड खाली है। एक सप्ताह की एक्सरसाइज में पुलिस ने सात संदिग्धों के ब्लड सैंपल को डीएनए जांच के लिए भेजा है और सवा सौ संदिग्धों को रडार पर लेकर पूछताछ की है।
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पुलिस की चाल मंद
पुलिस की तेज एक्सरसाइज की चाल अब मंद पड़ती दिखाई दे रही है। रेप के बाद छात्रा की नृंशस हत्या कर फरार  हुए कातिल एक सप्ताह बीतने तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए है।

पुलिस की कार्रवाई वैज्ञानिक पद्धति पर आकर ठिठक गई है। नृंशस हत्याकांड में पुलिस अपने चर्चित अंदाज से पूछताछ करने से बच रही है।

पुलिस का फोकस छात्रा की वेजाइनल स्वैप से डीएनए सैंपल मिलाने पर टिका है। उसी दिशा में ही कदम बढ़ाते हुए पुलिस ने सात संदिग्धों के ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे हैं।
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पुलिस भी मान रही वक्त लगने की बात
एसएसपी राजीव स्वरुप भी स्वीकारते हैं कि, अब तक की कार्रवाई का यही नतीजा है। बेसिक पुलिसिंग से कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाए है।

एसएसपी ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति के परिणाम आने में वक्त लगता है, पुलिस की जांच अन्य पहलुओं पर भी आगे बढ़ी है।

मोबाइल नंबरों को भी खंगाल रही एसओजी
वारदात के दिन सुबह गांव के मोबाइल फोन टॉवर में एक्टिव रहे मोबाइल फोन नंबरों की पड़ताल में भी एसओजी जुटी है। ये पता लगाया जा रहा है कि, किस-किस मोबाइल फोन नंबर धारक ने लक्सर या हरिद्वार रुट से होते हुए शहर की सीमा छोड़ी है।

हालांकि, पुलिस ने अब तक जितने भी संदिग्धों के ब्लड सैंपल कब्जे में लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे है वे सभी उसी गांव या आस पास के गांव के ही बताए जा रहे है। पर, फिर भी पुलिस हर पहलू को खंगालने में जुटी है।

कई फोन नंबरों की पड़ताल
एसओजी ने एक सप्ताह में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन नंबरों की पड़ताल की है, जो वारदात के दिन गांव के टॉवर पर एक्टिव पाए गए है। सूत्रों की माने तो ऐसे भी कई मोबाइल फोन नंबर है, जिनकी लोकेशन गांव के टॉवर से होते हुए शहर की सीमा छोड़ने तक के मोबाइल फोन टॉवर में निकलकर आई है।

एक-एक कर हर मोबाइल फोन नंबर की आईडी व मोबाइल फोन धारक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, पर अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिले है। गांव के ही लोगों के भी मोबाइल फोन नंबर की डिटेल खंगाली जा रही है।
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