दूनवासियों के एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर की गई लाखों रुपये की साइबर ठगी का खुलासा होने वाला है। मगर कोई भी गलती न हो, इसलिए पुलिस मामले में फूंक-फूंककर कदम उठा रही है।
इसके लिए आरोपियों को बीते दिनों की दिनचर्या की बारीकी से पड़ताल की गई। ताकि पता लग सके कि कौन कब कहां था, जिससे इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया।
बता दें कि बीते दिनों साइबर ठगों ने एक सप्ताह के भीतर 97 दूनवासियों को करीब 30 लाख रुपये की चपत लगाई। यह राज्य में हुई साइबर ठगी की अब तक सबसे बड़ी घटना है।
जयपुर, हरियाणा और दिल्ली के संदिग्धों का वैरिफिकेशन पूरा
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साइबर ठगी के मामले में स्थानीय पुलिस को विभिन्न एटीएम व सार्वजनिक स्थलों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज में जो संदिग्ध नजर आए, उनमें दिल्ली, जयपुर, हरियाणा के लोगों का पूरा बायोडाटा खंगाला जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर तक 12 लोगों का वैरिफिकेशन किया जा चुका था। अन्य की जांच पड़ताल की जा रही है। हालांकि इनमें से किसी के भी घटना में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि 15 जून से 10 जुलाई के बीच देहरादून पहुंचे 27 लोग रेडार में लिए गए थे। जिनका बायोडाटा खंगाला जा रहा है।