शहर में कारों के शीशे तोड़कर नकदी और लैपटाप चुराने में जीजा-साला गैंग सक्रिय था। पुलिस ने शुक्रवार को साले को गिरफ्तार कर 42 हजार रुपये की नकदी और लैपटॉप बरामद कर लिया। आरोपी ने चार घटनाओं में शामिल होना इकबाल किया है। वहीं, जीजा और उसका भाई फरार बताया गया है। पुलिस को यह कामयाबी सीसीटीवी फुटेज की मदद से मिली है।
एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि शहर में हुई टप्पेबाजी की घटनाओं में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। तीन वारदातों में एफजेड बाइक घटनास्थल पर पाई गई थी। उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए इस बाइक के नंबर तक पहुंचा गया। कागजों में लगाई गई तमाम आईडी फर्जी मिली। पुलिस ने मुरादाबाद, संभल आदि इलाकों में गहनता से जांच की गई।
सहायक पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट के निर्देश पर आईएसबीटी पर चेकिंग की जा रही थी। इसी बीच टर्नर रोड की तरफ से एफजेड बाइक आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर वापस भागने के प्रयास में उनकी बाइक फिसल गई। बाइक चालक मोहम्मद शारिक निवासी स्योहारा बिजनौर को पकड़ लिया गया, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल हो गए।
बैंक के आसपास रहकर शिकार को करते थे चिह्नित
Thief
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने जीजा कासिम और उसके भाई इरफान के साथ दून में घटनाएं करते थे। बाइक का नंबर हर बार बदल दिया जाता था। बाइक भी फाइनेंस पर फर्जी पता दर्शाते हुए ली थी। यह लोग बैंक के आसपास रहकर अपने शिकार को चिह्नित करते थे। पीछा करने के बाद मौका मिलते ही कार से कैश उड़ा लेते थे।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकारा जुर्म
एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने 21 जून को सहारनपुर रोड के पास एक्सिस बैंक परिसर में पेट्रोल पंप मालिक की कार के शीशे तोड़कर 70 हजार निकालने, दो जुलाई को शिमला बाईपास के पास कार से 24 हजार रुपये चोरी करने, 12 जुलाई को नया गांव और 14 जुलाई को बल्लूपुर के पास कार के शीशे तोड़ने की बात स्वीकार की है।
उसकी निशानदेही पर 42 हजार रुपये की नकदी, लैपटॉप आदि बरामद हुआ है। पुलिस टीम में शामिल पटेल नगर कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सैनी, बाजार चौकी प्रभारी शिव मोहन शाह समेत अन्य पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट भी मौजूद थीं।