इसी बीच पुलिस को पता चला कि हत्याकांड में शामिल रहा एक शूटर ऋषिकेश के आईडीपीएल में छुपा हुआ है। इस सूचना पर पुलिस ने आईडीपीएल स्थित एक घर में छापा मारा, जहां से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का तमंचा और कुछ कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने अपना नाम अमित तोमर निवासी गांव विराल, थाना रमोला जिला बागपत उत्तर प्रदेश बताया।
अमित ने पुलिस को बताया कि वह सचिन तोमर के पड़ोसी गांव का रहने वाला है। सचिन से उसकी जान पहचान करीब तीन साल पहले हुई थी। सचिन अक्सर उससे अपनी छोटी मोटी बातें बताता रहता था। गत 16 सितंबर को सचिन का फोन आया कि देहरादून में आदेश बालियान ने केवल 1.40 लाख रुपये के लिए उसका ट्रैक्टर कब्जे में लिया हुआ है।
इसलिए वह उसका काम तमाम करने वाला है। यदि वह उसका साथ देगा तो उसे कुछ पैसे दे देगा, जिससे वह कोई भी छोटा मोटा बिजनेस शुरू कर सकता है। अमित ने सचिन की बात मान ली और उसके साथ 17 सितंबर को देहरादून आ गया। यहां पहले वे एक होटल में ठहरे और अगले दिन सुबह बालावाला स्थित प्लाट में जाकर उसने सचिन व अनुज नाम के बदमाश के साथ मिलकर आदेश की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।
जिस अपाचे बाइक से सचिन और दो शूटर घटनास्थल तक पहुंचे थे उसे सचिन ही चला रहा था। एसएसपी ने भी अमित से पूछताछ के बाद इस बात की पुष्टि की कि सचिन ने भी आदेश को कई गोलियां मारी थी। इसके बाद अमित और अनुज पास खड़ी कार में बैठ गए और सचिन बाइक लेकर हरिद्वार हाइवे से भाग निकला। सचिन बाइक लेकर रायवाला तक गया और इसके आगे अन्य बदमाशों के साथ कार से रास्ते मुजफ्फरनगर भाग गया। पुलिस के अनुसार अमित तोमर रायवाला से ऋषिकेश चला गया था, जिसे शनिवार देर रात वहां से गिरफ्तार कर लिया गया।
योग से एमए कर रहा है अमित
अमित के अनुसार वह गांव में खेती बाड़ी का काम करता है। साथ ही साथ हरिद्वार के एक योग संस्थान से एमए भी कर रहा है। वह चाहता था कि एमए के बाद अपना कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट खोले जिसमें वह योग सिखाया करेगा। इसी लालच में उसने आदेश की हत्या में सचिन का साथ दिया कि सचिन उसे इतने पैसे मिल जाएंगे जिससे वह इंस्टीट्यूट खोल लेगा।
महिला कांस्टेबल ने दी थी कंट्रोल रूम को सूचना
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने रविवार को इस बात से भी पर्दा उठाया कि घटना की सूचना पुलिस को काफी देर बाद मिली थी। घटना के करीब 20 मिनट बाद जब एक महिला कांस्टेबल वहां से गुजरी तो उसने भीड़ जमा देखी। पता चला कि किसी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ऐसे में उसने सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।
पुलिस का दावा जल्द होंगे बाकी गिरफ्तार
पुलिस की अब तक की जांच में सचिन समेत तीन शूटर और दो अन्य युवकों के नाम सामने आ रहे हैं। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सचिन और अनुज गोली मारने वालों में शामिल हैं जबकि रोहित व अजीत नाम के युवक रेकी कर सूचना देने वाले बताए जा रहे हैं।