अनुपमा हत्या कांड में अदालत ने पति राजेश गुलाटी को दोषी करार दिया है। हत्यारे राजेश गुलाटी को क्या सजा होगी इसका फैसला शुक्रवार को होगा।
कोर्ट ने राजेश गुलाटी को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया है। बीवी के 72 टुकड़े करने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने वाले हैवान पति पर अब फैसला शुक्रवार को होगा। 11 दिसंबर 2010 में देहरादून में हुए अनुपमा गुलाटी हत्याकांड ने देश को झकझोर दिया था।
अपर जिला जज पंचम की अदालत में 18 अगस्त को अंतिम बहस पूरी होने के बाद गुरुवार को राजेश को दोषी करार दिया है।
सात साल पहले कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर 2010 को दस विभत्स कांड का खुलासा हुआ था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी पुत्र सतनाम गुलाटी मूल निवासी नई दिल्ली देहरादून में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था।
डीप फ्रीजर से अनुपमा गुलाटी के लाश के टुकड़े मिले थे
rajesh gulati
17 अक्टूबर 2010 को अनुपमा अचानक लापता हो गई। बच्चे जमां के बारे में पूछते तो राजेश कहता कि उनकी मां नाना-नानी के घर गई हुई है।
दो माह तक ऐसे ही चलता रहा। जब लंबे समय तक मायके के लोगों का अनुपमा की बात नहीं हुई तो 11 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई देहरादून में राजेश के घर पहुंचा, मगर उसे घर में नहीं घुसने दिया।
यह सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो एक कमरे में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा गुलाटी के लाश के टुकड़े मिले थे।
ऐसे किया था मर्डर
anupama gulati
10 मार्च 2011 को कैंट पुलिस ने राजेश को हत्या का आरोपी बताते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। आरोप पत्र में पुलिस ने बताया कि अक्सर अनुपमा और राजेश के बीच लड़ाई-झगड़ा और मारपीट होती थी।
17 अक्टूबर 2010 की रात भी दोनों में विवाद हुआ। मारपीट के दौरान अनुपमा के सिर बेड के कोने पर लग गया और बेहोश हो गई। राजेश ने मुंह पर तकिया रखकर अनुपमा की हत्या कर दी।
दूसरे दिन राजेश ने बाजार से डीप फ्रीजर खरीदा और लाश उसमें छुपा दी। जब खून जम गया तो राजेश ने बाजार से पत्थर काटने वाला ग्राइंडर व आरी खरीदी और उनसे लाश के टुकड़े किए। लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसने कुछ टुकड़े पॉलीथिन में रख कर मसूरी मार्ग में पहाड़ी से नीचे फेंके।
राजेश ने अनुपमा से 10 फरवरी 1999 को लव मैरिज की थी। दोनों के बीच 1992 से अफेयर चल रहा था। शादी के बाद वर्ष 2000 में राजेश, अनुपमा को लेकर यूएस चला गया। वहां जून 2006 में उन्हें जुड़वा बच्चे सिद्धार्थ और सोनाक्षी हुए। वर्ष 2008 में दोनों दिल्ली आ गए। इसके बाद राजेश परिवार समेत देहरादून आ गया।