साइबर अपराधियों ने फल प्रसंस्करण इकाई के प्रभारी के खाते से 15 जुलाई से लेकर 17 जुलाई तक लगातार रकम निकाली, लेकिन उनके पास पैसे निकाले जाने का मैसेज 17 को आया। उनके खाते से साइबर अपराधियों ने तीन दिन में 1.44 लाख रुपये निकाल लिए। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करने के साथ ही एटीएम ब्लॉक करवा दिया है।
फल प्रसंस्करण इकाई के प्रभारी डीएस रावत के मोबाइल पर सोमवार सुबह खाते से पैसे निकाले जाने के दो संदेश आए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज पौड़ी से बीटेक कर रही है। उसकी फीस जमा करने के लिए उन्हें बैंक जाना था, लेकिन उससे पहले ही मोबाइल पर 40-40 हजार रुपये निकाले जाने के दो मैसेज आए। वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाते से अलग-अलग तारीखों में 1.44 लाख रुपये निकाले जा चुके थे और खाते में अब मात्र 447 रुपये ही शेष हैं।
रावत ने बताया कि संभवत: वह देहरादून में साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। वह देहरादून में विभाग के काम से गए थे। आठ जुलाई को देहरादून तपोवन रोड स्थित एसबीआई के एटीएम से उन्होंने खर्च के लिए दस हजार रुपये निकाले थे। इससे पूर्व उन्होंने नेहरू कॉलोनी और हरिद्वार रोड स्थित एटीएम से भी पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन नहीं निकले।
लौटने के बाद उन्होंने 11 जुलाई को विकासनगर में भी एटीएम से पैसे निकाले। थानाध्यक्ष पुरोला बीएस चौहान ने बताया कि ठगी का शिकार हुए व्यक्ति की तहरीर मिली है। क्षेत्र में साइबर क्राइम की यह पहली घटना है। एसओजी को भी घटना के बारे में बता दिया गया है।
फर्जी बैंक अधिकारी बन निकाली रकम
Cyber Attack
वहीं, कोटद्वार में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम पिन पूछने वालों से सावधान रहे हैं क्योंकि साइबर अपराधी बैंक उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर उनका एटीएम पिन और कार्ड नंबर पूछकर खाते से रुपये उड़ा ले रहे हैं। सोमवर कोे पूर्व सैनिक से भी साइबर अपराधियों ने कुछ इसी तरह ठगी की। बदमाशों ने उनके खाते से पैसे दो दिन में ऑनलाइन कई खातों में ट्रांसफर कर दी।
सेंधीखाल के बिलासू गांव निवासी पूर्व सैनिक मेहरबान सिंह चौहान ने बताया कि उसका भारतीय स्टेट बैंक दुगड्डा में पेंशन खाता है। 13 जुलाई को उसे एक कॉल आई, जो अपने को मुंबई स्टेट बैंक का अधिकारी बता रहा था। उसने एटीएम के नवीनीकरण को जरूरी बताते हुए उनसे एटीएम का नंबर पूछा। फोन करने वाले ने कहा कि जल्द ही उनके पास एक एसएमएस आएगा, जिसका नंबर उन्हें बताना पड़ेगा।
एसएसएस के जरिए आया नंबर भी उन्हें बता दिया गया। देखते ही देखते उनके खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। 14 जुलाई को जब वह एसबीआई दुगड्डा पहुंचे तो उनके खाते से दो दिनों में 78 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसी तरह कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव निवासी नसीम अहमद पुत्र एजाज अहमद से भी साइबर अपराधियों ने इसी तरह ठगी की और उनके खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए।