हरिद्वार से काशीपुर पेशी पर लाया जा रहा 10 हजार का इनामी बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर हथकड़ी समेत फरार हो गया।
स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर सिपाहियों ने आलाधिकारियों को सूचना दी तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस-जीआरपी ने और बाद में एसओजी ने रेलवे लाइन के आसपास कांबिंग की, लेकिन बदमाश का पता नहीं चला। मामले में अपराधी को ला रहे चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
मंगलवार रात हरिद्वार की आर्म्स पुलिस के हेड कांस्टेबल कुंदन सिंह चौहान, कांस्टेबल दिगंबर सिंह नेगी, सिपाही मनोज कुमार और सुरेंद्र नैनवाल रोशनाबाद जेल में बंद मुराद अली (35) उर्फ इरशाद अली उर्फ अरुण पुत्र असगर अली उर्फ कालीचरन निवासी मोहल्ला कुतना थाना सब्जी मंडी रोहतक (हरियाणा) हाल निवासी मोहल्ला जमुना नगर ठाकुरद्वारा मुरादाबाद (यूपी) को पेशी के लिए काशीपुर ला रहे थे।
बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में धारा 25 के मुकदमे के तहत उसकी पेशी थी। वे ट्रेन से हरिद्वार से मुरादाबाद पहुंचे। उसके बाद मुरादाबाद-काशीपुर पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए। सुबह लगभग 5:30 बजे काशीपुर रेलवे स्टेशन से डेढ़ किलोमीटर पहले जब गाड़ी धीमी हुई तभी मुराद अली ने शौच जाने की इच्छा जताई। पुलिस कर्मियों ने उसके एक हाथ में हथकड़ी बांधी हुई थी।
सिपाही दिगंबर सिंह नेगी व मनोज कुमार शौचालय के बाहर गेट पर खड़े हो गए। मुराद अली ने अचानक दरवाजा खोला और पुलिस कर्मियों को धक्का देकर चलती ट्रेन से हथकड़ी सहित कूदकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही जीआरपी के चौकी प्रभारी नंदन सिंह मनराल, टांडा चौकी प्रभारी लाखन सिंह ने पुलिस और एसओजी के जवानों ने घटनास्थल के आसपास कांबिंग की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने उसके घर मोहल्ला जमुनानगर (ठाकुरद्वारा) में छापा मारा तो पुलिस को पता चला कि उसकी पत्नी मंगलवार से गायब है। बाद में हरिद्वार और काशीपुर पुलिस ने भी ठाकुरद्वारा में संदिग्ध स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।