ज्वालापुर के सोनू उर्फ परवेज की हत्या रिश्ते में लगने वाले दो सालों ने ही की। हत्यारोपी में से एक सोनू की पत्नी से एक तरफा प्रेम करता था। उसी ने जीजा की हत्या की साजिश रच अपनी ममेरी बहन से निकाह करने का ताना बाना बुना था।
कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एएसपी रचिता जुयाल ने बताया कि तीन जुलाई को इस्लाम नगर निवासी जाकिर ने अपने चौहान मोहल्ला के रहने भांजे सोनू उर्फ परवेज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोनू पेशे वेल्डिंग का काम करता था। पुलिस की खोजबीन में उसका स्कूटर जटवाडा पुल के पास मिला था। सात जुलाई को मृतक के भाई शाहरुम ने हत्या का संदेह व्यक्त करते पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस की तफ्तीश के दौरान सीसीटीवी फुटेज में मोहल्ला पठानपुरा निवासी सादिक को सोनू के स्कूटर के पीछे बैठे देखा। एएसपी ने बताया कि देवबंद के रहने वाले सादिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
सख्ती बरतने पर उसने बताया कि गांव रावली महदूद निवासी मौसेरे भाई साजिद कई साल से मृतक सोनू की पत्नी खुशनुमा से एक तरफा प्रेम करता था। वह खुशनुमा से निकाह करना चाहता था, लेकिन सोनू के रहते यह मुमकिन नहीं था। ऐसे में सोनू की हत्या का प्लान बनाया गया। एएसपी के मुताबिक दो जुलाई की रात को साजिद हत्या के इरादे से सोनू को लेकर पुल जटवाडा पहुंचा और वहां पहले से ही मौजूद साजिद के ट्रक में सवार होकर तीनों ने शराब पी। नशा होने पर दोनों ने मिलकर गमछे से सोनू का गला दबाया और लोहे की रॉड से उस पर कई वार किए। सोनू की मौत का इत्मिनान होने पर उसके हाथ-पैर कपड़े से बांधकर शिवगुरु धाम आश्रम दौलतपुर के सामने गंगनहर में फेंक दिया। एएसपी ने बताया कि हाथ पैर बांधने में इस्तेमाल हुए कपड़े और सोनू का पर्स बरामद कर लिया गया है। सोनू का शव शनिवार को आसफनगर झाल से बरामद हुआ था। इस दौरान कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, एसएसआई संजीव थपलियाल मौजूद रहे।
परिजनों ने ही दिया पुलिस को सुराग
सीसीटीवी फुटेज में सादिक का चेहरा कैद न होता तो हत्याकांड का खुलासा होना मुश्किल था। पुलिस से भी ज्यादा सक्रिय सोनू के परिजन थे। वे ही सिटी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर यह जानकारी जुटाकर लाए थे। परिजन शुरू से ही सोनू के साथ अनहोनी होने की आशंका जता रहे थे।
बेवा खुशनुमा की उजड़ गई दुनिया
बेवा हुई खुशनुमा को दूर दूर तक इल्म नहीं था कि रिश्ते का फुफेरा भाई ही उसकी गृहस्थी उजाड़कर रख देगा। उसका खुशनुमा के घर आना जाना था लेकिन उसके खतरनाक इरादे कोई भांप नहीं पाया। बेहद सीधे साधे से दिखने वाले साजिद ने रिश्ते के जीजा के कत्ल की कहानी गढ़ दी और फिर उसे अंजाम भी दे डाला। खुशनुमा के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र छह से आठ वर्ष के बीच है।