इसके बाद नकली दवा बनाने वाले ने तीन पेटी कफ सिरप दे दिया। इसी दौरान टीम ने दवा की डिलिवरी करने आए जावेद और महेश को पकड़ लिया। साथ ही टीम की ओर से दी गई रकम भी वापस ले ली। कार्रवाई की खबर लगते ही क्षेत्र में नकली दवा का कारोबार करने वालों में खलबली मच गई। पूछताछ के बाद टीम ने तीसरे आरोपी विपिन कुमार को भी पकड़ लिया गया और तीनों को सिविल लाइंस कोतवाली में लाया गया।
औषधि निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि जावेद मोहम्मदपुर मोहनपुरा रुड़की का रहने वाला है। उसके पास फूड प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस है, जिसकी आड़ में वह नकली दवा का कारोबार करता है। जबकि विपिन कुमार मोहम्मदपुर जट रुड़की और तीसरा आरोपी महेश सैनी डाडा पट्टी भगवानपुर का रहने वाला है। तीनों को खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
लाइसेंस फूड प्रोडक्ट का, बना रहे थे अंग्रेजी दवा
औषधि निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि मोहम्मदपुर मोहनपुरा जावेद के पास फूड प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस है। इसी की आड़ में वह नकली और प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप बनाकर मेडिकल स्टोरों पर सप्लाई करता है।
शहर के मेडिकल स्टोरों में अब भी पड़ी हैं नकली दवाएं
औषधि नियंत्रण विभाग की पूछताछ में नकली दवाई बनाने वालों ने कई मेडिकल स्टोरों में नकली दवाओं की सप्लाई की बात स्वीकारी है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शहर के कुछ मेडिकल स्टोरों में नकली दवाइयां पड़ी होंगी।
मेडिकल स्टोरों की सूची तैयार, होगी कार्रवाई
औषधि निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में जावेद ने नकली दवाएं बनाकर शहर और आसपास के मेडिकल स्टोरों पर बेचने की बात स्वीकारी है। उसने उन मेडिकल स्टोरों के नाम भी बताएं हैं, जहां नकली दवाओं की सप्लाई करता था। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवार मेडिकल स्टोरों की सूची बनाई गई है। अब उन मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा जाएगा। दोषी मेडिकल स्टोर मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।