दोषी की सजा पर बचाव और अभियोजन पक्ष ने बुधवार को बहस की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अजहर खान को दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम में आजीवन कारावास और कुल 70 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके साथ ही हत्या के दोष में अजहर को मृत्युदंड और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने इस मामले को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखकर अधिकतम सजा सुनाई है।
त्यूणी क्षेत्र की नौवीं कक्षा की एक छात्रा एक जनवरी 2016 को दोस्तों के साथ घूमने गई थी। शाम तक वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने राजस्व पुलिस को सूचना दी।
बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को अंबड़ी निवासी अजहर खान की मोटरसाइकिल पर जाते देखा है। राजस्व पुलिस ने बात आई गई कर दी। अगले दिन परिजन जब उसे ढूंढते हुए जंगल की ओर गए तो वहां देखा कि बेटी का शव एक पेड़ से लटक रहा था। उसके घुटने जमीन से लग हुए थे और उन पर चोट के निशान थे।
ऐसे में राजस्व पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। क्षेत्र के लोगों ने प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो दुष्कर्म की पुष्टि हुई। फोरेंसिक जांच टीम ने भी वैजाइनल स्वैब आदि को जांच के लिए संरक्षित कर लिया।
शव मिलने के करीब आठ दिन बाद 10 जनवरी 2016 को पुलिस ने आरोपी अजहर खान और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अजहर खान ने पुलिस को घटनास्थल भी दिखाया जहां उसने छात्रा से दुष्कर्म कर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने वहां से छात्रा के गले की माला भी बरामद की। इसके बाद पुलिस ने अजहर की बाइक और उसकी एक चाबी भी बरामद की। जब डीएनए रिपोर्ट आई तो उसमें वैजाइनल स्वैब से पुष्टि हुई कि दुष्कर्म अजहर खान ने ही किया था।