पुराने एसडीएम कोर्ट के दरवाजे और पांच अलमारियों के ताले तोड़कर चोर कंप्यूटर, मॉनीटर, सीपीयू और यूपीएस चुरा ले गए। चोरी की सूचना फैलते ही प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम दयानंद सरस्वती, एएसपी डॉ. जगदीश चंद, आईटीआई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश चौहान ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
अपर उपजिलाधिकारी कार्यालय के रीडर नंदन सिंह ने आईटीआई थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रीडर सोमवार को जब कार्यालय पहुंचे तो सफाई कर्मचारी राजकुमार ने बताया कि ऑफिस के पिछले दरवाजे की कुंडी टूटी थी। दरवाजा खुला है। देखा तो ऑफिस में रखी लोहे की छह अलमारियों में से पांच के लॉक तोड़ कर खोले गए थे।
कंप्यूटर, मॉनीटर, सीपीयू, यूपीएस भी गायब थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद रस्तोगी ने कहा कि अदालत परिसर में चोरी होना गंभीर मामला है। वकील अमरीश अग्रवाल ने चोरी का शीघ्र खुलासा करने की मांग की। वकील शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि जब एनएच घोटाले की जांच चल रही है तब ऐसी चोरी होना और भी चिंता का कारण है। एएसपी चंद ने कहा कि जांच पूरी की जाएगी।
एनएच घोटाले से जोड़ी जा रही चोरी
आम नागरिक एसडीएम कोर्ट कार्यालय में चोरी के तार एचएच घोटाले से जुड़े होने की आशंका जता रहे हैं। जिसने भी घटना के बारे में सुना उसने एक ही बात कही एनएच के लिए अधिग्रहित भूमि के उपयोग, मुआवजा तय करने में काशीपुर तहसील क्षेत्र में भारी घोटाले की आशंका है। यहां दलाल सक्रिय थे। लोगों ने कहा कि ऐसी संभावना है कि जांच में फंसने से बचने के लिए घोटालेबाज संबंधित रिकॉर्ड नष्ट करना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि भूमि घोटाले में दलाल, अधिकारियों ने किसानों की आड़ में घोटाला किया। अब वह बचने के लिए रिकॉर्ड ही नष्ट करने पर आमादा हैं।