2014 में देहरादून जिले के सुदूरवर्ती चकराता के अंजाम दिए बहुचर्चित हत्या कांड मामले में चार आरोपी दोषी करार कर दिए गए हैं। मामला दिल्ली से आए पर्यटक जोड़े की हत्या और लूट से जुड़ा है।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया। आरोपियों को 30 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने चारों आरोपियों को मृतका से बलात्कार के आरोप में बरी किया गया है। युवती का शव उत्तरकाशी के डामटा में बुरी हालत में मिला था जिस कारण मेडिकल नहीं हो पाया और दुराचार की पुष्टि नहीं हुई।
बता दें कि 22 अक्तूबर 2014 को दिल्ली से अभिजीत और युवती चकराता घूमने आए थे। 23 अक्तूबर को चकराता टाइगर फॉल घूमने के दौरान दोनों लापता हो गए थे। 23 अक्तूबर को चकराता में टाइगर फॉल से लौटने वक्त टैक्सी ड्राइवर राजू ने अपने साथियों बबलू, गुड्डू और कुंदन के साथ मिलकर पर्यटक जोड़े की हत्या कर दी थी।
29 अक्तूबर को युवती के पिता ने दिल्ली में गुमशुदगी दर्ज कराई। 30 अक्तूबर को अभिजीत का शव नौगांव, उत्तरकाशी क्षेत्र में मिला। 10 नवंबर को चालक राजू ने साथियों के साथ हत्या की बात कबूली। 13 नवंबर को उत्तरकाशी में यमुना नदी के किनारे युवती का शव मिला था।