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देहरादून: चकराता में पर्यटक जोड़े के हत्याकांड मामले में दोषी ड्राइवर को फांसी व अन्य तीन को उम्रकैद

Fri, 30 Mar 2018 12:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर
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chakrata murder - फोटो : file photo
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देहरादून जिले के चकराता में 2014 में दिल्ली के पर्यटक जोड़े के हत्याकांड मामले में चारों दोषियों की सजा का एलान हो गया।

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शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चारों दोषियों को सजा सुना दी। कोर्ट ने ड्राइवर राजू दास को फांसी की सजा और अन्य तीन कुंदन दास पुत्र नैनू दास, बबलू पुत्र ध्यानू दास, गुड्डू दास पुत्र खानिया को उम्र कैद की सजा सुनाई है। पर्यटक जोड़े के परिजनों को इंसाफ मिलने के बाद जौनसार-बावर की जनता ने अदालत का आभार जताया है।

बता दें कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने वर्ष 2014 में चकराता की शांत वादियों में दिल दहला देने वाले पर्यटक जोड़े के दोहरे हत्याकांड में चार लोगों को हत्या और लूट का दोषी करार दिया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बलात्कार के आरोप से दोष मुक्त कर दिया गया था।

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दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे

पुलिस - फोटो : अमर उजाला
22 अक्तूबर 2014 को मोमिता दास पुत्री मृणाल कृष्णा दास निवासी लाडो सराय, नई दिल्ली अपने मित्र अभिजीत पॉल (24) पुत्र अतुल पॉल निवासी दमदम कलकत्ता, पश्चिम बंगाल के साथ चकराता घूमने आई थी।

23 अक्तूबर को टाइगर फॉल से दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे। मामले में मोमिता के पिता ने थाना साकेत, नई दिल्ली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दोनों की अंतिम लोकेशन चकराता में मिली थी। इसके बाद जांच-पड़ताल के लिए दिल्ली पुलिस चकराता पहुंची थी। यहां मामले में बोलेरो चालक राजू दास पुत्र मोहन दास निवासी टुंगरोली की संलिप्तता प्रकाश में आई थी।

उसने साथी कुंदन दास पुत्र नैनू दास, बबलू पुत्र ध्यानू दास, गुड्डू दास पुत्र खानिया दास सभी निवासी टुंगरोली के साथ दोनों की हत्या कर दी थी। पूछताछ में चारों ने हत्या कर पर्स, मोबाइल और शॉल लूटने की बात कबूली थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मोमिता और अभिजीत का शव बरामद किया था। जिला शासकीय अधिवक्ता गुरु प्रसाद रतूड़ी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि मामले में कुल 43 गवाह बनाए गए थे, जिनमें में 20 की गवाही अदालत में हुई। मामले की विवेचना पुरोला के तत्कालीन एसआई रवि प्रसाद कवि, टीएस रावत, डीएस कोहली और प्रतिभा ने की। 
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