मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में करीब छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने की आरोपी रूबी ने अब एक केंद्रीय मंत्री के पीए का भी नाम लिया है।
रूबी ने कहा कि मंत्री के पीए ने ही उसे एलबीएस अकादमी के अधिकारी से मिलवाया था। सूत्रों के मुताबिक रूबी ने अकादमी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी (जिसमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं) आरोप गए हैं। रूबी ने बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में करीब 45 मिनट तक बयान दर्ज कराए।
जिला कारागार से रूबी को सुबह 11.50 बजे कोर्ट स्थित हवालात लायागया। हवालात में मुश्किल से 10 मिनट रखने के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पूछे जाने पर कि क्या वह 164 के बयान दर्ज कराना चाहती है?
रूबी के सहमति देने के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में ले जाया गया। जहां मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए गए। रूबी के अधिवक्ता अरुण खन्ना ने बताया कि रूबी ने मामले में एलबीएस के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर आरोप लगाए हैं। बताया कि इन्हें अकादमी में रहने की पूरी जानकारी थी। रूबी ने अब तक जिन लोगों पर आरोप लगा रही थी, मजिस्ट्रेट के सामने भी उन्हीं आरोपों को दोहराया है।