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न चेहरे पर शिकन, न हत्या का मलाल, हवालात में जाते ही फक्कड़ बाबा बोला...

Sun, 23 Apr 2017 12:30 PM IST
मेहताब आलम/अमर उजाला, हरिद्वार
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मध्य प्रदेश से हरिद्वार साथ आए पवन की हत्या के बाद आरोपी तेरस गिरी के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी। दिल में किसी भी प्रकार का पछतावा भी नहीं।
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वह अपने कारनामे को इस तरह प्रचारित करता रहा  मानो उसने बड़ा काम कर दिया है। हवालात में भी आरोपी इस बात को दोहराता रहा कि उसे पवन को मारना था तो मार दिया। साथ ही यह कहता रहा कि पवन उसे मार देता, गंगा माई की कृपा से मैं पवन के हाथ नहीं मरा।      

पुलिस को आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पवन तंत्र मंत्र करता था। उसने तंत्र मंत्र से ही उसकी  पत्नी ममता को वर्ष 2012 में मार दिया था। उसके छह महीने बाद भाई महेश को भी मार डाला था।
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आरोपी को शक था कि पवन यहां उसकी भी हत्या कर देगा। तेरस गिरी ने पुलिस को बताया कि कुटी में खाना खाकर उसके पेट और हाथ पैर में दर्द होता था।
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बचाने की हिम्मत नहीं कर सका कोई  

जरूर पवन ही खाने में कुछ मिलाता होगा। तेरस गिरी को लगने लगा था कि उसने पवन को नहीं मारा तो पवन उसे मार डालेगा। इसका खुलासा खुद आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में किया। उसके मन में पवन की तरफ से एक डर बना हुआ था। हालांकि पुलिस इसे मनोरोग का लक्षण भी मान रही है। फिर भी हर एंगल से जांच की जा रही है।      
     
बचाने की हिम्मत नहीं कर सका कोई  
तेरस गिरी के सिर पर इतना खून सवार था कि पवन की हत्या करते समय उसे कोई रोकने की हिम्मत नहीं कर पाया। जिसने भी उसे रोकने का प्रयास किया, वह डंडा लेकर उसकी तरफ दौड़ पड़ता।

मध्य प्रदेश से साथ आए श्याम भारती, सोनीपत निवासी सत्यानंद गिरी व स्थानीय निवासी मोहन तथा मौके पर एकत्र हुए आसपास के लोगों ने तेरस गिरी को पकड़ने का प्रयास भी किया पर वह किसी के कब्जे में नहीं आया।

गंगा किनारे बसी कुटी में काफी देर तक यह तांडव चलता रहा। पुलिस जब उसे पकड़कर ले जाने लगी, तब भी उसने जमकर जोरआजमाइश की। पुलिसकर्मियों ने बमुश्किल उसे काबू में किया।     
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