इसके बाद जो तथ्य सामने आए उनसे सभी दंग रह गए। गैंगरेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपी छात्रों की पहचान करने के साथ महज 24 घंटों के भीतर स्कूल की निदेशक समेत पांच लोगों गिरफ्तार कर लिया था। इन पांचों लोगों पर साक्ष्यों को छुपाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है।
पुलिस ने मंगलवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। चारों नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह हरिद्वार भेजने के आदेश दिए गए। जबकि, निदेशक लता गुप्ता, प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, दीपक की पत्नी तनु मल्होत्रा और हॉस्टल की आया मंजू को स्पेशल पोक्सो कोर्ट में पेश किया गया।
संबंधित न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को प्रभारी न्यायाधीश गुरबख्श सिंह की कोर्ट ने सुना। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए अभियोजन की दलीलों को स्वीकार किया और पांचों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद सहसपुर पुलिस ने शाम करीब सात बजे सभी आरोपियों को सुद्धोवाला जेल में दाखिल करा दिया।