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हल्द्वानी में छुपा था दस लाख का इनामी भूरा

Tue, 24 Mar 2015 11:02 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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बागपत में कोर्ट में पेशी के दौरान 15 दिसंबर को पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार अमित उर्फ भूरा ने हल्द्वानी में एक होटल में शरण ली थी।
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पुलिस कर्मियों के हथियार लूटने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस से बचने के लिए भूरा अपने छह शूटरों के साथ हल्द्वानी के एक होटल में ठहरा। यहीं से उसके नेपाल भागने की आशंका है। दिल्ली पुलिस के सोमवार शाम हल्द्वानी के एक होटल में छापामारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। इससे उत्तराखंड पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियों में खलबली मची है।

दिल्ली पुलिस की चार सदस्यीय टीम सोमवार शाम हल्द्वानी में बाजार स्थित एक होटल पहुंची। दिल्ली पुलिस को देख होटल प्रबंधन में खलबली मच गई। पुलिस अपने साथ दिल्ली में पकड़ा भूरा के साथी को लेकर लाई थी। उसी बदमाश से पूछताछ के बाद पुलिस ने होटल में छापा मारा।
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पुलिस ने होटल का रिकार्ड जब्त कर होटल प्रबंधन और कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने मीडिया कर्मियों को होटल में प्रवेश नहीं करने दिया। सूत्रों के मुताबिक होटल के रिकार्ड में पता चला कि कुछ महीने पहले छह लोग होटल के एक कमरे में ठहरे थे, जबकि होटल रजिस्ट्रर में सिर्फ एक व्यक्ति की इंट्री है।

रोडवेज परिचालक ने देखा था भूरा को
काशीपुर रोडवेज डिपो के एक बस परिचालक ने अमित उर्फ भूरा को पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद गजरौला के हसनपुर में देखा था। परिचालक ने भूरा की फोटो अखबारों में छपने से उसे पहचाना था। भूरा अपने एक साथी के साथ था।

परिचालक ने भूरा को गजरौला में देखे जाने की जब जीआरपी पुलिस कर्मियों को जानकारी दी तो उन्होंने उसे हल्के में लिया। परिचालक की बातों पर यकीन नहीं किया।

इस समाचार को अमर उजाला ने इसी वर्ष 17 जनवरी के अंक में प्रकाशित किया था, हालांकि तब पुलिस ने इसे हल्के में लिया था। इसी बीच उसके हल्द्वानी आकर ठहरने की संभावना है। परिचालक की बातों पर यकीन कर पुलिस भूरा की तलाश करती तो शायद वह पकड़ा भी जाता।

कौन है भूरा
अमित उर्फ भूरा पश्चिमी उत्तरप्रदेश के नामी सुनील राठी गैंग का शार्प शूटर है। भूरा के खिलाफ उत्तराखंड के रुड़की जेल में हुए तीहरे हत्याकांड समेत 48 मुकदमे हैं। भूरा मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव का रहने वाला है। तीहरे हत्याकांड के बाद भूरा उत्तराखंड पुलिस की हिरासत में था।
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उत्तराखंड पुलिस भूरा को बागपत के एक पुराने मुकदमे में पेशी के लिए कोर्ट ले जा रही थी। बागपत रेलवे स्टेशन के पास ही भूरा के साथियों ने पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर उसे छुड़ा लिया। इसके बाद ही भूरा पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित हुआ।
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