रुड़की में एक ही गांव के दो दोस्तों की एक ही दिन संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दोनों गांव से रुड़की के लिए साथ ही निकले थे, लेकिन दोनों का शव दो किलोमीटर की दूरी पर अलग-अलग बरामद किया गया।
यही नहीं दोनों के सिर पर एक ही जैसे ही चोट के निशान पाए गए। शव को देखकर न सिर्फ परिजन और पोस्टमार्टम कर्मी, बल्कि पुलिस भी सकते में है। मामला मंगलौर के लिब्बरहेड़ी गांव का है, नीरज शर्मा पुत्र ईश्वर दयाल और पवन कुमार पुत्र विशंभर गहरे दोस्त थे।
दोनों मंगलवार को गांव से रुड़की के लिए एक साथ ही निकले थे, हालांकि दोनों के वाहन अलग थे। नीरज स्कूटर पर सवार था, जबकि पवन बाइक पर। दोनों कचहरी का कुछ काम निपटाने के बाद शाम को लिब्बरहेड़ी लौट रहे थे। रास्ते में लाइट नहीं होने के कारण मार्ग कर अंधेरा पसरा हुआ था। वाहनों की लाइट में किसी की नजर सड़क किनारे पड़े नीरज शर्मा पर पड़ी।
लोगों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई। आशंका जताई जा रही थी कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस आशय की तहरीर भी परिजनों ने दी। वहीं पवन की तलाश में रात भर परिजन भटकते रहे। बुधवार सुबह नहर किनारे एक लाश की सूचना पुलिस को मिली।
बाद में परिजनों ने उसकी शिनाख्त पवन के रूप में की। उसकी बाइक नहर में गिरी मिली। अंदेशा जताया जा रहा है कि उसकी भी दुर्घटना में ही मौत हुई है, लेकिन पुलिस और परिजनों को एक बात हैरान कर रही है, वह यह कि दोनों का शव, जिसमें सिर पर एक ही तरह की चोट पाई गई है। इसे लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।