बीडीसी सदस्य वीरेंद्र मनराल की गोली मारकर हत्या
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कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े कार सवार लोगों ने पुरानी रंजिश और रुपयों के लेनदेन के विवाद में बीडीसी मेंबर विरेंद्र मनराल उर्फ बीरू की गोली मारकर हत्या कर दी और कार में बैठकर फरार हो गए। पुलिस को जंगल के पास कार मिली है, इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे जंगल की ओर भागे हैं। वारदात से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली में हंगामा काटा। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी होने तक दाह संस्कार नहीं करने का एलान किया है।
मदनपुर बोरा छोई निवासी बीडीसी मेंबर विरेंद्र मनराल उर्फ बीरू (38) पुत्र शेर सिंह मनराल दो साल पहले हुए हेमंत फर्त्याल हत्याकांड में नामजद था। इसी केस में शनिवार को रामनगर कोर्ट में उसकी तारीख थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वह कोर्ट से बाहर निकलकर राजकीय इंटर कालेज के मैदान के बाहर खड़ी अपनी कार की ओर जा रहा था, तभी घात लगाए बैठे कार सवार लोगों ने उसे गोली मार दी। गोली लगने पर मनराल सड़क की ओर भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इधर, हत्यारे कार से भागे और कुछ दूर कार छोड़कर जंगल की दीवार फांदकर फरार हो गए। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने अपनी कार से घायल बीरू को संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
बीरू की हत्या की खबर मिलते ही उनके भाई शिव सिंह मनराल और दीवान सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। सीओ रामनगर लोकजीत सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर ही रहे थे कि एसएसपी भी आ गए। उन्हें देखते ही परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख पर वीरेंद्र की हत्या का आरोप लगाते हुए एसएसपी से तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गुस्साए ग्रामीण कोतवाली में हंगामा कर मुकदमा दर्ज करने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, हरीश फर्त्याल, गैबुवा निवासी सोनू कांडपाल, देवेंद्र बाउ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की। तब जाकर पोस्टमार्टम शुरू हुआ। देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन वीरेंद्र के शव को घर ले गए हैं। इस दौरान एसडीएम परितोष वर्मा भी मौजूद रहे।
हत्यारोपी बाउ और मृतक बीरू थे हेमंत की हत्या में नामजद
पुलिस के अनुसार विरेंद्र मनराल बीरू और देवेंद्र बाउ में कभी अच्छी छनती थी। दो साल पहले हुए हेमंत मर्डर केस में बाउ के साथ बीरू को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार चर्चा है कि तब बीरू और बाउ के बीच रुपयों की डील हुई थी। बीरू ने बाउ को तयशुदा रकम नहीं दी, चर्चा है कि इसी की रंजिश में बीरू हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
हत्यारों की तलाश में जंगल में कांबिंग कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और पैसों के लेनदेन के चक्कर में हत्या की बात सामने आ रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- एसएसपी जन्मेजय खंडूरी