मुरादाबाद जिले से सटे काशीपुर के दक्षिणी पैगा गांव स्थित इलाहाबाद बैंक में गुरुवार दोपहर बदमाशों ने 15 में पाचं लाख रुपए लूटे।
सीसीटीवी रिकार्डिंग वाला सीपीयू भी ले गए
चार बाइकों में सवार होकर आए हथियारबंद आठ बदमाशों ने तमंचों के बल पर इस वारदात को अंजाम दिया। पकड़े जाने की आशंका के चलते बदमाश दो गुटों में बंटकर दो दिशाओं में फरार हो गए और जाते-जाते बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग वाला सीपीयू भी साथ ले गए।
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पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए पांच टीमें गठित की हैं। काशीपुर क्षेत्र का पैगा गांव यूपी की सीमा में स्थित अलीगंज से सटा है। पैगा चौकी से करीब तीन किलोमीटर आगे अलीगंज मार्ग पर इलाहाबाद बैंक की शाखा है।
गुरुवार दोपहर करीब एक बजे बैंक में रोजाना की तरह नियमित रूप से काम चल रहा था। तभी बैंक के बाहर चार पल्सर बाइकें आकर रुकीं। इनमें सवार आठ हथियारबंद डकैत बैंक में घुस गए।
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छह बदमाशों ने ग्राहकों और बैंक कर्मियों को तमंचों की नोंक पर कब्जे में लिया, जबकि दो बदमाश बैंक का शटर गिराकर उसके पास खड़े हो गए। बैंक हॉल में बैठे तथा काउंटरों पर खड़े आठ ग्राहकों को हथियारों के बल पर एक किनारे बैठा दिया।
ग्राहक शोर नहीं करे इसके लिए बाकी बदमाश हथियार लेकर ग्राहकों के पास खड़े रहे। जबकि चार बदमाशों ने बैंक के शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह पयाल, कैशियर संजय कुमार, हेमंत कुमार, गौरव बिष्ट समेत एक अन्य कर्मचारी को तमंचों के निशाने पर ले लिया।
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डकैतों ने शाखा प्रबंधक और कैशियर के साथ मारपीट करते हुए दराज में रखा लगभग साढ़े चार से पांच लाख कैश लूट लिया। इसके बाद बैंक कर्मियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर बदमाश फरार हो गए। ग्रामीणों को बैंक में डकैती की सूचना मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। कुछ समय बाद आला अफसर भी मौके पर पहुंच गए।
गार्ड नहीं रखना पड़ा बैंक को भारी
करीब दो साल पहले बैंक की शाखा पैगा गांव में खुली थी। तब से बैंक में कोई भी गार्ड नहीं रखा गया था। पुलिस द्वारा दो बार बैंक में सुरक्षा गार्ड रखने के नोटिस को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। यदि बैंक में गार्ड होता तो शायद यह नौबत नहीं आती।
शातिराना तरीके से दिया घटना को अंजाम
बैंक में डकैती डालने वाले बदमाश न केवल शातिर बल्कि चालाक भी थे। उन्होंने पकड़े न जाए इसलिए भागने के लिए दो रास्ते अपनाए। दो बाइकों से चार बदमाश काशीपुर की ओर जबकि बाकी चार बदमाश अलीगंज की ओर भागे।
इतना ही नहीं कहीं सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से पकड़े न जाएं इसलिए कैमरों का डीबीआर रिकार्डिंग भी निकाल ले गए।
बैंक के चप्पे चप्पे से वाकिफ
बैंक में डकैती डालने से पूर्व डकैतों ने बैंक की पूरी जानकारी ले रखी थी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब डकैतों ने बैंक में प्रवेश किया तो बैंक में मौजूद स्टाफ को सायरन के स्विच से दूर ले गए।
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सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग का पता किया और बैंक कर्मियों को फर्श पर बैठा दिया। इतना ही नहीं रोजाना पुलिस बैंक की सुरक्षा को लेकर दो चक्कर बैंक के काटती है। डकैतों को यह भी पता था कि कुछ देर पहले ही बैंक की सुरक्षा का मुहैया कर पुलिस सिपाही चले गए हैं।