उत्तराखंड पुलिस ने शनिवार देर रात बांगादेशी गैंग के सात डकैतों को देहरादून में डोईवाला के जंगलों से गिरफ्तार किया। लेकिन उनका एक साथी कुछ गहने लेकर अब भी फरार है। पुलिस अभी भी उसकी तलाश में जुटी है।
हर्रावाला में सीआईएसएफ सहायक कमांडेट और डालनवाला में कपड़ा कारोबारी के यहां डकैती बांग्लादेशी गैंग ने डाली थी। पुलिस ने शनिवार रात गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर दोनों घटनाओं का माल बरामद करने का दावा किया है। डकैतों का एक साथी कुछ जेवर लेकर अभी फरार है।
इस गैंग ने दोनों घटनाएं दिल्ली से कार से आकर अंजाम दी हैं। पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को बीस हजार रु पये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने शनिवार देर रात 12 जून को हर्रावाला के सिद्धपुरम में सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट सुनील कुमार ढौंडियाल और 26 अप्रैल को साकेत कालोनी में कपड़ा कारोबारी सुमित टंडन के यहां हुई डकैती का खुलासा करने का दावा किया।
पुलिस ने शनिवार रात डोईवाला के जंगल से मुखबिर की सूचना के आधार पर सात बदमाशों मोनू उर्फ घोलू निवासी बोराई खली बांग्लादेश (हाल पता प्रेमनगर लोनी, व्यवसाय कबाड़ी) आलमगीर निवासी बोराई खली बागर हट, नजरूम निवासी दईबकटी, दुलाल निवासी बनैअली, दुलाल निवासी मोरलगंज बांग्लादेश, बादल कबीर निवासी मोरलगंज बागर हट, चांद कुरैशी निवासी नगीना बिजनौर को गिरफ्तार कि या।
ये लोग दिल्ली और गाजियाबाद में अपनी पहचान छिपाकर कबाड़ी, मछली, सब्जी बेचने का काम करते हैं। तलाशी में इनके पास से 15 मोबाइलों के साथ सात हथियार बरामद हुए, जिनमें तमंचे, चाकू आदि शामिल हैं। कई तरह के पेंचकस, आरी, लोहे की छड़ भी मिली है, जिसका उपयोग वे ताले तोड़ने अथवा ग्रिल निकालने में करते हैं।