रुड़की के लक्सर में दो दिन से लापता एटीएम के सुरक्षा गार्ड का शव मुटकाबाद गांव के पास स्थित नाले से मिला है। मृतक के दोनों हाथ कटे हुए हैं।
साथ ही उसकी एक आंख भी निकली हुई। इसके अलावा चेहरे पर धारदार हथियार के निशान है। जिससे पता चल रहा है कि हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई है। परिजनों ने चार लोगों पर हत्या करने का संदेह जताया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
डोसनी गांव निवासी रामपाल (42) पुत्र बख्तावर हरिद्वार शिवालिक नगर स्थित बैंक ऑफ पटियाला के एटीएम पर सुरक्षा गार्ड का काम करता था। 17 अगस्त को उसे वेतन मिला था। वह वेतन मिलने के बाद घर आ रहा था। लक्सर क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के समीप उसे अपना भतीजा विशाल मिला।
जिसे उसने घर के लिए सब्जी खरीदकर दी और खुद कुछ देर बाद आने की बात कही। लेकिन, वह घर नहीं आया। परिजनों ने बताया कि उसी दिन रामपाल ने सुखबीर (ताऊ का बेटा) को फोन कर कहा कि उसने ज्यादा शराब पी ली है। वह बहादुरपुर के ठेके पर है।
इस पर परिजनों उसे लेने के लिए ठेके पर पहुंचे। लेकिन, उन्हें वह वहां नहीं मिला। इसी दिन रात नौ बजे रामपाल ने अपने भाई कंवरपाल को फोन कर कहा है कि कुछ लोगों से उसका झगड़ा हो गया है।
तुम जल्दी आ जाओ। इसके बाद फोन कट गया। परिजनों ने रामपाल की काफी तलाश की। लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। लेकिन, रामपाल का कुछ पता नहीं चल पाया।
बुधवार सुबह मुटकाबाद के समीप नाले में एक शव मिलने की सूचना मिली। जिसकी शिनाख्त रामपाल के रूप में हुई। मृतक के दोनों हाथ कटे हुए थे, एक आंख निकली हुई थी। इसके अलावा उसके चेहरे पर धारदार हथियार के निशान लगे हुए थे।
मृतक के भाई कृष्णपाल ने बहादुर गांव के भूरा, सरफराज, सादा और खुर्शीद पर रामपाल का अपहरण कर उसकी हत्या करने का संदेह जताया है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह, ग्रामीणों का हंगामा
एटीएम गार्ड रामपाल का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल रुड़की लाया गया। दोपहर करीब एक बजे उसका स्टमार्टम हुआ। परिजनों और ग्रामीणों ने पीएम पर संदेह जताया और हंगामा शुरू कर दिया।
असंतुष्ट परिजनों और हंगामे को देखते हुए सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. रविंद्र थपलियाल ने दोबारा दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पीएम कराए जाने की बात कही। इस पर ग्रामीण शांत हो गए।
डॉ. प्रनम प्रताप सिंह और डॉ. विक्रांत सिरोही के पैनल ने दोबारा से पोस्टमार्टम किया। इस दौरान राजकुमार, चांदमल, कृष्णपाल, कंवरपाल आदि सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।