जुकाम, खांसी, घबराहट की दवाओं के सॉल्ट में रसायन मिलाकर नशा बनाने वाले तस्कर गिरोह का मास्टर माइंड एक अमेरिकी डॉक्टर निकला।
वह अमेरिका में बैठकर अपने सहयोगियों के माध्यम से भारत में नशे का धंधा संचालित कर रहा था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसके तीन साथियों को तो पिछले साल ही जेल भिजवा दिया था लेकिन सरगना का अब पता चला है।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि तस्कर गिरोह ने साथियों के पकड़े जाने के बाद देहरादून में अपनी सारी संपत्ति बेच डाली है। इस पर प्रवर्तन निदेशालय ने नए सिरे से संपत्तियों के कागजात और तस्करों के बैंक खातों की छानबीन शुरू कर दी है।
एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ है कि मूल रूप से मुंबई का रहने वाला डाक्टर विजय नशीली दवाओं की तस्करी का मास्टर माइंड है।