परीक्षा में तीनों युवक फेल हो गए और परिचित रकम लेकर फरार हो गया। तीनों युवक प्रदीप पर रकम लौटाने का दबाव बना रहे थे। कर्ज से उबरने के लिए उसने राशिद से संपर्क साधा था।
पुलिस की माने तो पहले किसी धनाढ्य घर के किसी लड़के के अपहरण की योजना थी, लेकिन फिर राशिद ने उद्यमी अनिल अरोड़ा को सॉफ्ट टॉरगेट बताया। गुड़गांव में वेल्डर का कार्य कर रहा राशिद कई वर्ष से उद्यमी के संपर्क में था। इसलिए उसके झांसे में आकर उद्यमी तुरंत कार में बैठ गया था।
हरिद्वार में फेंकने की बनी थी योजना
उद्यमी अनिल अरोड़ा को यहां बेहोशी की हालत में फेंकने की योजना भी एक बारगी बन गई थी, लेकिन फिर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। उन्हें उम्मीद थी कि वे फिरौती की रकम वसूलने में कामयाब रहेंगे। इसलिए अंबाला को फिरौती वसूलने का ठिकाना बनाया था। एक पुलिस टीम अंबाला में भी डेरा डाले हुए थी।
आज करनी थी ड्यूटी ज्वाइन
चंडीगढ़ में एयरफोर्स छावनी में तैनात जवान प्रदीप कुमार सोमवार (आज) तक छुट्टी पर था। उसे मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। उससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।