पंजाब के मेजर सिंह ने हरिद्वार स्थित उदासीन आश्रम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या का कारण्ा नहीं पता
संगरूर (पंजाब) के 50 वर्षीय मेजर सिंह पेशे से काश्तकार था और एक दिन पहले हरिद्वार पहुंचा था। आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल पाया है। खड़खड़ी चौकी प्रभारी महावीर सिंह रावत ने बताया कि मेजर सिंह (पुत्र कौर सिंह, गांव धनवेट, सुनाम, दड़वा, संगरूर, पंजाब) बुधवार को अकेला हरिद्वार आया था।
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उसके बाद वह सूखी नदी, खड़खड़ी के पास उदासीन आश्रम में रुकने के लिए पहुंचा। आश्रम प्रबंधन के अनुसार मेजर तनाव में लग रहा था। तड़के कमरे के आंगन में उसे ग्रिल से अंगोछे से लटका पाया गया। प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे की तलाशी ली।
लेकिन आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया। कमरे से कोई सुसाइड नोट आदि भी नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है।
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