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पूर्व वैज्ञानिक से ठगे 85 लाख

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पूर्व वैज्ञानिक से ठगे 85 लाख
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बीमा पॉलिसी कराकर रकम दोगुना करने का झांसा देकर ठग गिरोह ने एफआरआई के एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक को अपना शिकार बना लिया। गिरोह ने पिछले चार सालों में सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से करीब 85 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार होने की भनक लगने पर सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ने वसंत विहार थाने में 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
वसंत विहार थाना पुलिस के मुताबिक वसंत विहार में एफआरआई से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक एनके शुक्ला परिवार के साथ रहते हैं। 2013 में शुक्ला ठगी करने वाले गिरोह के चुंगल में फंस गए। ठगों ने उन्हें निजी बीमा कंपनी की पालिसी दिलाकर रकम दोगुनी कराने का झांसा दिया। एनके शुक्ला उनके झांसे में फंस गए और चार सालों में 85 लाख रुपये लूटा दिए। शुक्ला ने कहा कि ठगों ने उन्हें पूरी तरह विश्वास में ले लिया। एजेंट से लेकर अधिकारी बनकर करीब 17 लोगों ने इन चार सालों में उनसे फोन पर बातचीत की। बातचीत करने के बाद ठगों के बताए बैंक खातों में उनकी ओर से पैसा जमा कराया गया। कई बार आनॅलाइन भी पैसा ट्रांसफर हुआ। जिसके बाद उन्हें डाक द्वारा पालिसी के कागजात भी भेजे गए।
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सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि ठगी की भनक लगने पर उन्होंने आरोपियों के नंबरों पर फोन किया तो पता चला कि अधिकांश नंबर फर्जी थे। शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उनकी ओर से कविता वर्मा, उपाध्याय, दक्ष खुराना, ओम प्रकाश जायसवाल, नरेश, गौरव वर्मा, राहुल जैन, सुभाष सिंह, राहुल जैन की पत्नी, इंद्रेश सिंह, संजना सिंह, शोमनाथ, संजय चौहान, सजीत सिंह, रघु तिवारी, पंकज पटेल और एसएन शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। थानाध्यक्ष संजय मिश्रा के मुताबिक एनके शुक्ला से पालिसी और जिन बैंकों में पैसा जमा कराया गया है, उनकी डिटेल मांगी गई है।
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