फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनआईईपीवीडी में लंबी है गुनहगारों की फेहरिस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
एनआईईपीवीडी में लंबी है गुनहगारों की फेहरिस्त
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईईपीवीडी में जिस तरह से बच्चों के शारीरिक शोषण के मामले सामने आ रहे हैं, उनसे कहा जा सकता है कि अभी संस्थान के अंदर गुनहगारों की फेहरिस्त काफी लंबी है। बीते चार माह में छात्र-छात्राओं के शारीरिक शोषण की ही तीन घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें दो शिक्षकों समेत तीन लोग तो सीधे अपराध में फंसे हैं, जबकि कई अधिकारी और कर्मचारी इन मामलों को दबाने में नापे गए हैं। पिछले माह अव्यवस्थाओं और छात्र-छात्राओं के आरोपों को नजरअंदाज करने पर संस्थान के प्रबंधन में बड़ा फेरबदल हो चुका है।
गौरतलब है कि गत मई में एक छात्रा ने अपने संगीत शिक्षक पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बाल आयोग की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने अगस्त में नाबालिग से छेड़छाड़ का एक और मामला उठाया। इसमें भी पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। पता चला कि छात्राओं से छेड़छाड़ के इस मामले को तो सालों से दबाया जा रहा था।
विज्ञापन

छात्रों के आंदोलन के बाद राज्य और केंद्र सरकार ने मामले का संज्ञान लिया और वाइस प्रिंसिपल से लेकर डायरेक्टर तक को हटा दिया। ये सभी प्रत्यक्ष रूप में अपराध में शामिल नहीं थे, मगर इन्होंने जिस तरह मासूम छात्रों की आवाज को दबाया, उससे इन्हें भी किसी बड़े गुनहगार से कम नहीं समझा जा सकता। यही नहीं, छात्रों को घटिया खाना देने वाले और सफाई का ध्यान न रखने वाले सभी कर्मचारियों को सरकार के आदेश पर इधर से उधर किया गया।
अब यह नया मामला फिर एक छात्रा के शारीरिक शोषण का सामने आया है। आरोप भले ही छात्र पर हो, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसमें भी कई गुनहगार बताए जा रहे हैं। पीड़ित छात्रा का कहना है कि उसने कई बार प्रबंधन और शैक्षिक स्टॉफ से शिकायत की थी, मगर उन्होंने हर बार उसे चुप रहने को कहा। बताया जा रहा है इस मामले में भी कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। यदि सरकार और उच्च प्रबंधन इसका संज्ञान ले तो यहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन


योग दिवस में जाते भी की छेड़छाड़
21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में शिरकत करने दून आए थे। इसके लिए एनआईईपीवीडी के छात्र-छात्राओं को भी बसों से एफआरआई मैदान पहुंचना था। आरोप है कि जब सभी छात्र-छात्राएं बस में सवार थे तो आरोपी छात्र ने उसके साथ वहां भी छेड़छाड़ की। आरोप यह भी हैं कि जब छात्रा ने इस बात को शिक्षकों को बताना चाहा तो शिक्षकों ने भी उसे चुप करा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें