ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजधानी के सीएमआई अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला बृहस्पतिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल से गिर गई। वहां मौजूद लोगों ने आनन-फानन उसे आईसीयू में भर्ती कराया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि महिला संतान न होने के कारण अवसाद में थी। इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के धामपुर क्षेत्र के गांव जैतरा निवासी निवेदिता सिसौदिया (36) पत्नी अंकुर सिसौदिया का करीब दो साल से सीएमआई अस्पताल में इलाज चल रहा था। रुटीन चेक-अप के लिए निवेदिता बृहस्पतिवार को डॉ. सुनिता प्रभाकर के पास पहुंची थी। उसे लगभग एक बजे डॉक्टर से मिलने का अपाइंटमेंट मिला था। अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि निवेदिता करीब 12 बजे तक वेटिंग रूम में अपनी बारी का इंतजार करती रही। इसी बीच वह उठकर रैंप (स्ट्रेचर ले जाने का रास्ता) से अस्पताल की तीसरी मंजिल की ओर चली गई। इसके बाद अचानक वहां से पार्किंग की तरफ छलांग लगा दी। यह देख पार्किंग के आसपास मौजूद लोगों ने निवेदिता को तत्काल आईसीयू में भर्ती कराया। आईसीयू में लगभग एक घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी पहुंची और घटनास्थल पड़े खून और टूटी चूड़ियों के नमूने लिए। एसपी सिटी के अनुसार निवेदिता के परिजनों से बातचीत हुई है। निवेदिता की शादी लगभग नौ साल पहले हुई थी, लेकिन अभीतक उसे कोई संतान नहीं हुई। इस कारण वह परेशान चल रही थी और बृहस्पतिवार को उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। निवेदिता का पति अंकुर गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में इंजीनियर है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के अनुसार आत्महत्या का मामला लग रहा है। बहरहाल पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।