डोईवाला प्रकरण : दोनों पक्ष साथ बैठे, निपटा विवाद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। डोईवाला में शराब के ठेके की चेकिंग के लिए गई आबकारी टीम का वाहन सीज किए जाने के बाद उपजे विवाद का मंगलवार को निपटारा हो गया है। शासन के निर्देश के बाद डीएम-एसएसपी ने आबकारी विभाग के अधिकारियों और पुलिस के साथ बैठक की, जिसमें बातचीत के आधार पर मामले को निपटा दिया गया। इसके बाद उत्तराखंड राज्य आबकारी निरीक्षक संघ ने अपना कार्यबहिष्कार वापस ले लिया।
आबकारी विभाग की टीम रविवार को डोईवाला में स्थित शराब के ठेके की चेकिंग के लिए निजी वाहन से गई थी। टीम वाहन को ठेके के बाहर खड़ा कर चेकिंग के लिए अंदर चल गई थी। इस दौरान पुलिस ने ठेके के बाहर खड़े वाहन को सीज कर दिया। इसको लेकर पुलिसकर्मियों और आबकारी विभाग की टीम के बीच बहस भी हुई थी। जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) ने मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी दी थी, लेकिन मामले का समाधान नहीं निकल सका। इस बीच सोमवार को उत्तराखंड राज्य निरीक्षक आबकारी संघ ने कार्यबहिष्कार का एलान कर दिया।
मंगलवार को इस मामले को लेकर विभाग के अधिकारी आबकारी आयुक्त वी. षणमुगम से मिले। आबकारी आयुक्त ने प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन को भी मामले से अवगत कराया। आबकारी निरीक्षक संघ के पदाधिकारी इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आबकारी मंत्री प्रकाश पंत से भी मिले। शासन के निर्देश पर डीएम एसए मुरुगेशन और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने डीईओ और डोईवाला पुलिस के साथ बैठक की। बैठक में वार्ता के बाद मामले का निपटारा कर दिया गया। उत्तराखंड आबकारी निरीक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट का कहना है कि दोनों विभागों द्वारा घटना पर खेद प्रकट करने और सीज किए गए वाहन को रिलीज किए जाने के बाद संघ ने अपना कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है।
- आबकारी विभाग की टीम और पुलिस के बीच विवाद की जो स्थिति पैदा हो गई थी उसका निपटारा कर दिया गया है। दरअसल यह विवाद आबकारी विभाग और पुलिस के बीच का था ही नहीं, विवाद तो निजी वाहन के चालक और पुलिस के साथ हुआ था। मामले का पटाक्षेप हो गया है। - एसए मुरुगेशन, डीएम, देहरादून