ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून
राजाजी टाइगर रिजर्व के दूधिया बीट के हरिपुरकलां, सपेरा बस्ती के सामने बरामद गुलदार की खाल और हड्डियों के मामले में एसआईटी जांच की सिफारिश की गई है। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक ने मामले की एसआईटी जांच की सिफारिश की है।
22 मार्च को राजाजी टाइगर रिजर्व के अफसरों और कर्मचारियों ने सपेरा बस्ती के सामने कपड़े में बंधी गुलदार की खाल और कुछ हड्डियां बरामद की थीं। मामले को शिकार से जोड़कर जांच कर रही विभागीय टीम ने रायवाला निवासी मीट कारोबारी अमित कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया था। जबकि, घटना में शामिल पांच आरोपी पंछी नाथ, सहजा, पत्थर नाथ, योगेश और फरार हो गए थे। अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश की है।
वहीं, सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं। मामले में कई विभागीय अफसराें, कर्मचारियों की भूमिका संदेश के घेरे में है। यह पहलू भी सामने आया है कि गुलदार की खाल और हड्डियां बाहर से मंगवाकर पार्क क्षेत्र में जमीन के भीतर रखा गया। इतना ही नहीं हड्डियों और खाल को दबाने के लिए आरोपियों को कुछ पैसे की भी पेशकश की गई थी।
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प्रकरण की एसआईटी जांच की संस्तुति की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुुए एसआईटी जांच कराना उचित होगा। आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं। ऐसे में प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
-सनातन सोनकर, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व