ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
फड़, ठेली वालों के साथ ही कूड़ा बीनने, मजदूरी, रंगाई-पुताई करने वालों और सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी बनाने वालों का अब से हर महीने सत्यापन होगा। पुलिस को इनके सत्यापन की आख्या प्रत्येक माह की पांच तारीख को डीआईजी गढ़वाल कार्यालय में देनी होगी। इस संबंध में डीआईजी पुष्पक ज्योति ने सोमवार को आदेश जारी किए हैं।
टिहरी में हुए हत्याकांड को देखते हुए डीआईजी ने सोमवार को गढ़वाल रेंज के सभी एसएसपी को ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार परिक्षेत्र के जनपदों में बाहरी प्रांतों से लोग विभिन्न व्यवसाय करने के लिए आता हैं। इनमें बढ़ी तादात फड़, ठेली, फेरी, मजदूरों और रंगाई-पुताई करने वालों की होती है। इन लोगों की आड़ में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी रहते हैं। कई आपराधिक वारदातों में ऐसे लोगों की संलिप्तता सामने आई है। ऐसे में सभी का सत्यापन करने और सतर्कता की जरूरत है।
ये हैं निर्देश
- फड़-ठेली वालों का सत्यापन कर उनके पते, आईडी की कॉपी सहित मोबाइल नंबर आदि थानों में सुरक्षित रखी जाए।
- मजदूरी व पुताई करने वालों का ठेकेदारों के माध्यम से सत्यापन करें। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहने वालों का सत्यापन करें। इस अलावा नियमित चेकिंग की करें। घुमंतू प्रवृत्ति के व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें। आपराधिक इतिहास वालों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करें।
- कूड़ा बीनने वालों का भी सत्यापन करें।
-कार्रवाई संबंधी आख्या प्रत्येक माह की पांच तारीख को डीआईजी गढ़वाल कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।