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डंपर के नीचे आने से हुई थी सेवादार-गार्ड की मौत

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डंपर के नीचे आने से हुई थी सेवादार-गार्ड की मौत
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
हरिद्वार बाईपास स्थित निरंकारी भवन के सेवादार और गार्ड की मौत की गुत्थी का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने दावा किया है कि दोनों की मौत मिट्टी से भरे डंपर की चपेट में आने से हुई थी। डंपर चालक निरंकारी भवन में मिट्टी डालने गया था। चालक की लापरवाही से सेवादार और गार्ड डंपर के टायर की चपेट में आ गए। पुलिस ने डंपर चालक को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। डंपर के मालिक को भी साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
14 दिसंबर की सुबह निरंकारी भवन में कार्यरत सेवादार सोनू (24) पुत्र जयवीर निवासी सेवला कला और सिक्योरिटी गार्ड कमलराम (46) पुत्र गबरू निवासी गोती जखोली रुद्रप्रयाग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। दोनों के शव निरंकारी भवन परिसर में एक खाली मैदान से बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के लीवर फटने की पुष्टि हुई थी, साथ ही दोनों की कई हड्डियां भी टूटी हुई मिली थीं। जिस जगह से शव बरामद हुए थे, वहां मिट्टी का भरान चल रहा है।
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एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि नेहरू कालोनी पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र कर निरंकारी भवन परिसर में मिट्टी का भरान करने में लगे मजदूरों, जेसीबी और डंपर चालकों से पूछताछ की। डंपर चालक देवेंद्र कुमार सैनी निवासी खानपुर मानक, मझेड़ा नगीना, बिजनौर के बार-बार बयान बदलने पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए देवेंद्र पर जांच केंद्रित कर दी। छानबीन में देवेंद्र कुमार के रात में निरंकारी भवन पहुंचने की पुष्टि हुई। देवेंद्र ने डंपर की मिट्टी निरंकारी भवन में न डालकर बाहर नेशनल हाइवे किनारे पलट दी और वहां से गायब हो गया।
एसपी सिटी के मुताबिक पुलिस ने डंपर चालक देवेंद्र को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। देवेंद्र कुमार बंजारावाला निवासी गोविंद प्रसाद का डंपर यूए 07 आर 8546 चलाता है और वहीं रहता है। देवेंद्र ने बताया कि वह 13 दिसंबर की रात 9.20 बजे निरंकारी भवन में मिट्टी डालने गया था। उस वक्त काफी कोहरा था। निरंकारी भवन के मेन गेट में चौकीदार कमल राम था। वह टॉर्च दिखाकर मिट्टी खाली करने की जगह बता रहा था। चौकीदार भी उसके आगे-आगे टॉर्च दिखाते हुए चलता गया। देवेंद्र के मुताबिक डंपर मोड़ते वक्त टॉर्च की रोशनी उसकी आंखों में पड़ गई और चौकीदार डंपर के अगले टायर की चपेट में आ गया। देवेंद्र के मुताबिक चौकीदार की चीख सुनकर सेवादार सोनू दौड़कर आ गया। सोनू डंपर में कंडक्टर साइड के दरवाजे पर लटक गया और डंपर रोकने को बोलने लगा। डंपर पीछे करते वक्त सोने का हाथ फिसल गया और वह भी डंपर के टायर की चपेट में आ गया।
एसपी सिटी ने बताया कि इसके बाद देवेंद्र घबरा गया और मिट्टी उतारने के बजाए निरंकारी भवन से बाहर निकल आया। वहां से उसने डंपर मालिक गोविंद डंगवाल को फोन किया। डंपर मालिक को बताया कि निरंकारी भवन परिसर में दो शव पड़े हैं। गोविंद उस वक्त अपने घर था और उसने डंपर नेशनल हाइवे किनारे खाली कर वापस लौटने को बोल दिया। देवेंद्र एनच किनारे मिट्टी खाली कर सीधे गोविंद के घर जाकर सो गया। एसपी सिटी के मुताबिक सेवादार और गार्ड की मौत के मामले में पुलिस ने देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। डंपर मालिक गोविंद को भी धारा 212 के तहत गिरफ्तार किया है, जबकि डंपर सीज कर दिया गया है।
मृतकाें के परिवारजनों ने दर्ज कराया था मुकदमा
सेवादार सोनू के पिता राजवीर और गार्ड कमल राम के भाई नाथीराम ने 16 दिसंबर को थाना नेहरू कालोनी में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 302 का मुकदमा दर्ज कराया था। जो अब आरोपी देंवेंद्र पर धारा 304 (लापरवाही से मौत) में परिवर्तित कर दिया गया है।
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पुलिस की कहानी में झोल
पुलिस के दावे के मुताबिक सेवादार और गार्ड की मौत डंपर के टायर की चपेट में आने से हुई। डंपर मिट्टी से भरा था। जानकारों की मानें तो टायर की चपेट में आने से मौत होने पर दोनों के शव बुरी तरह कुचल जाते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। शरीर पर हल्की चोटें और दोनों के लीवर फटे थे। वहीं, पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना था कि सेवादार की मौत डंपर की खिड़की से नीचे गिरने से भी हो सकती है, आरोपी उन्हीं की हां में हां मिलाता नजर आया।
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